Akhilesh Yadav in Badalpur Village:समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 29 माार्च को ग्रेटर नोएडा के दादरी में रैली की. इसके जरिए उन्होंने पश्चिमी यूपी की 140 विधानसभा सीटों को साधने की कोशिश की है. कार्यक्रम की कमान राजकुमार भाटी और अतुल प्रधान जैसे कद्दावर गुर्जर नेताओं के हाथ में थी. अखिलेश यादव ने न केवल सम्राट मिहिर भोज को पुष्पांजलि अर्पित की बल्कि गुर्जरों की पहचान 'पगड़ी' पहनकर इस समाज के साथ अपने जुड़ाव का सीधा संदेश दिया.
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मायावती के गढ़ में अखिलेश की दस्तक
रैली स्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित है बसपा सुप्रीमो मायावती का गांव बादलपुर. अखिलेश यादव रैली के बाद सीधे गजराज सिंह नागर के आवास पर पहुंचे. गजराज सिंह कभी मायावती के बेहद करीबी माने जाते थे. लेकिन 2022 के चुनाव के बाद वे सपा में शामिल हो गए थे. नागर के घर को फूलों से सजाया गया था और वहां अखिलेश यादव के लिए भव्य लंच का आयोजन किया गया. यहां गुर्जर समाज के प्रमुख नेताओं के साथ अखिलेश की बंद कमरे में लंबी बैठक हुई.
गुर्जरों से बड़ा वादा: लखनऊ में बनेगा स्मारक
मंच से अखिलेश यादव ने गुर्जर समाज की भावनाओं को सहलाते हुए एक बड़ा चुनावी वादा किया. उन्होंने कहा 'जब भी हमें मौका मिला, हमने सम्मान दिया. शहीद विजय सिंह पथिक के नाम पर स्टेडियम और मिहिर भोज के नाम पर पार्क बनवाया. 2027 में सरकार बनाइए, हम लखनऊ के रिवर फ्रंट पर सम्राट मिहिर भोज और कोतवाल धनसिंह गुर्जर जैसे महापुरुषों की भव्य प्रतिमाएं और स्मारक बनवाएंगे.' अखिलेश ने यह भी याद दिलाया कि कैसे कुछ लोग गुर्जर समाज का इतिहास छीनना चाहते थे जिस पर सपा ने उनके साथ खड़े होकर लड़ाई लड़ी.
बीजेपी के लिए खतरे की घंटी?
2014 से पश्चिमी यूपी का गुर्जर वोट बैंक काफी हद तक भाजपा के साथ रहा है. लेकिन अखिलेश यादव की इस सक्रियता और गजराज सिंह नागर जैसे जमीन से जुड़े नेताओं का साथ मिलना, भाजपा के अभेद्य दुर्ग में सेंध लगाने जैसा है. जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अगले ही दिन अखिलेश का यह शक्ति प्रदर्शन पीएम मोदी और सीएम योगी के हमलों का करारा जवाब माना जा रहा है.
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