राजा भैया के इलाके में बड़ा खेल करने की तैयारी कर रहे हैं अखिलेश यादव, शैलेंद्र कुमार से मुलाकात के पीछे की क्या है कहानी

कौशाम्बी से 3 बार के सांसद और दो बार विधायक रह चुके जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राजा भैया के करीबी माने जाने वाले शैलेंद्र कुमार पासी ने 5 जनवरी को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर सियासी हलचल तेज कर दी है.

Shailendra Kumar meet Akhilesh Yadav:

रजत सिंह

09 Jan 2026 (अपडेटेड: 09 Jan 2026, 08:45 PM)

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Shailendra Kumar meet Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं. जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय महासचिव और रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के दाहिने हाथ माने जाने वाले पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार पासी ने 5 जनवरी को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर सियासी हलचल तेज कर दी है. भले ही इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा हो लेकिन चर्चा आम है कि पासी जल्द ही राजा भैया का साथ छोड़ समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं.

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कौन हैं शैलेंद्र कुमार?

शैलेंद्र कुमार पासी कौशाम्बी और प्रयागराज मंडल में दलित समाज के कद्दावर नेता माने जाते हैं. वह तीन बार सांसद और दो बार विधायक रह चुके हैं. उनके पिता स्वर्गीय धर्मवीर केंद्र में मंत्री रहे और गांधी परिवार के बेहद करीबी थे. शैलेंद्र कुमार 1998 में पहली बार सांसद बने. इसके बाद 2004 से 2014 तक वह लगातार सपा के टिकट पर कौशांबी से सांसद रहे. वह चायल विधानसभा सीट से दो बार विधायक भी रह चुके हैं.  2014 में चुनाव हारने के बाद वह राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक में चले गए. लेकिन 2019 में वहां से भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

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पूजा पाल की जगह लेंगे शैलेंद्र?

अखिलेश यादव को इस वक्त चायल विधानसभा के लिए एक मजबूत चेहरे की तलाश है. दरअसल यहां से सपा विधायक पूजा पाल ने राज्यसभा चुनाव के दौरान बगावत कर दी थी और बीजेपी खेमे में शामिल हो गई थीं. सपा ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है जिससे यह सीट अब खाली मानी जा रही है. दो बार यहां से विधायक रह चुके शैलेंद्र कुमार इस खाली जगह को भरने के लिए अखिलेश की पहली पसंद बन सकते हैं. हालांकि जब इस मुलाकात को लेकर शैलेंद्र कुमार पासी से सवाल किया गया तो उन्होंने सधे हुए अंदाज में कहा कि 'यह सिर्फ नववर्ष की शुभकामना देने के लिए शिष्टाचार मुलाकात थी. राजनीति को लेकर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है.'

राजा भैया को कुंडा में घेरने की रणनीति

अखिलेश यादव और राजा भैया के बीच की कड़वाहट जगजाहिर है. अखिलेश ने कुंडा में 'कुंडी लगाने' की बात कही थी तो राजा भैया ने भी पलटवार किया था. अखिलेश ने पहले राजा भैया के करीबी गुलशन यादव को उनके खिलाफ लड़ाकर चुनौती दी थी. अब शैलेंद्र कुमार जैसे पुराने साथी का सपा में आना राजा भैया के लिए बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक झटका साबित हो सकता है. अखिलेश यादव प्रतापगढ़ और कौशांबी के इलाके को पूरी तरह पैक करना चाहते हैं. एक तरफ इंद्रजीत सरोज और पुष्पेंद्र सरोज जैसे बड़े पासी नेता पहले से साथ हैं. दूसरी तरफ एसपी सिंह पटेल और राम कुमार के जरिए कुर्मी वोट बैंक को साधा जा रहा है. अब शैलेंद्र कुमार के आने से दलित-ओबीसी का एक ऐसा मजबूत कॉम्बिनेशन तैयार होगा जिससे पार पाना एनडीए और राजा भैया दोनों के लिए मुश्किल होगा.

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