Khushi Dubey Bikru Kand News: कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में आरोपी रहीं खुशी दुबे एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह कोई अदालती कार्रवाई नहीं, बल्कि उनकी मां की गंभीर बीमारी और उस पर हो रही सियासत है. खुशी दुबे ने अपनी मां के इलाज के लिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव द्वारा की गई आर्थिक मदद के लिए उनका आभार व्यक्त किया है. वहीं अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को भी खुशी दुबे ने धन्यवाद दिया है.
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बिकरू कांड के बाद ढाई साल से ज्यादा का वक्त जेल में गुजारने वालीं खुशी दुबे की मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के लोहिया अस्पताल रेफर किया गया. खुशी के मुताबिक, उनकी मां के सिर की नस फूल गई थी और ऑपरेशन का खर्च इतना ज्यादा था कि उनका परिवार उसे वहन करने में असमर्थ था.
अखिलेश यादव ने कैसे की मदद?
खुशी दुबे ने बताया कि उन्होंने एक इंटरव्यू के जरिए अपनी आर्थिक तंगी और मां की बीमारी की बात लोगों तक पहुंचाई थी. खुशी के अनुसार, "माननीय अखिलेश यादव जी ने उस इंटरव्यू को देखा और अस्पताल में अपने लोगों को भेजा. उन्होंने डॉक्टरों से बात की और मेरी मम्मी के ऑपरेशन के लिए पैसे भी जमा कराए. उन्हीं की वजह से आज मेरी मम्मी का ऑपरेशन हो रहा है." खुशी ने भावुक होते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष ने उनके लिए जो किया है, वह उनके लिए बहुत बड़ी बात है.
घर की स्थिति के बारे में बात करते हुए खुशी ने बताया कि उनके घर में केवल उनके पिता ही कमाने वाले हैं. उनकी पढ़ाई का खर्च उनके एडवोकेट शिवाकांत दीक्षित उठाते हैं, जबकि पिता घर का राशन देखते हैं. खुशी ने कहा, "मैं निर्दोष हूं और बिना किसी कसूर के जेल काटी है. मैं बस इतना चाहती हूं कि मैं इस केस से बरी हो जाऊं."
ब्रजेश पाठक भी पहुंचे थे अस्पताल
हैरानी की बात यह रही कि सपा की मदद की खबर वायरल होने के बाद यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक भी अस्पताल में खुशी की मां का हालचाल लेने पहुंचे. खुशी ने बताया, "मेरी बहन ने फोन पर जानकारी दी कि माननीय ब्रजेश पाठक जी वहां पहुंचे, मम्मी से मिले और डॉक्टरों से बात की. मैं उन्हें भी धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मेरे बुरे वक्त में साथ दिया."
क्या राजनीति में कदम रखेंगी खुशी दुबे?
समाजवादी पार्टी द्वारा लगातार ब्राह्मणों का मुद्दा उठाने और खुशी को मदद देने के पीछे की सियासत पर जब सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "फिलहाल मेरा पूरा फोकस मेरे केस पर है ताकि मैं बरी हो सकूं. भविष्य का कुछ पता नहीं, लेकिन भविष्य के रास्ते खुले हुए हैं."
यहां देखें खुशी दुबे से बातचीत का वीडियो:
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