CM योगी के सबसे चर्चित बयान को अखिलेश यादव ने बताया 'घिसा-पिटा'... SIR को लेकर पूछ दिए ये 3 तीखे सवाल

UP News: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने SIR ड्राफ्ट को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जमकर घेरा. उन्होंने यूपी में 2.88 करोड़ वोट काटे जाने को बताया बड़ी साजिश बताया है.

UP News

संतोष शर्मा

10 Jan 2026 (अपडेटेड: 10 Jan 2026, 01:42 PM)

follow google news

UP News: उत्तर प्रदेश की सियासत में SIR के बाद वोटर लिस्ट के आंकड़ों को लेकर एक नया संग्राम छिड़ गया है. शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने SIR के बहाने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए. उन्होंने विधानसभा और पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में भारी अंतर का हवाला देते हुए इसे PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का वोट काटने की एक बड़ी साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि जैसा अंदेशा था, ठीक वैसा ही हुआ है और प्रदेश में करोड़ों वोटरों के नाम काट दिए गए हैं. सीएम योगी के प्रयागराज में दिए बयान, 'कटेंगे तो बटेंगे' पर अखिलेश यादव कहा, 'यह उनका घिसा पिटा बयान है.'

यह भी पढ़ें...

मुख्यमंत्री योगी के पुराने बयान पर अखिलेश ने घेरा

सपा चीफ अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ड्राफ्ट लिस्ट नहीं आई थी और किसी को इसकी जानकारी नहीं थी तब सीएम ने कैसे कह दिया कि 4 करोड़ वोट कटने जा रहे हैं? उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी नेता ऐसे बयान दे रहे हैं, तो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता क्या रह जाती है. अखिलेश यादव ने इसे भाजपा के वोट बढ़ाने और PDA का वोट काटने की साजिश बताया है.

सपा मुखिया ने चुनाव आयोग से पूछे 3 तीखे सवाल

सपा अध्यक्ष ने SIR को लेकर चुनाव आयोग के सामने तीन बड़े सवाल रखे हैं:

  • 'आंकड़ों में अंतर क्यों? जब एक ही BLO विधानसभा और पंचायत SIR ड्राफ्ट तैयार कर रहा है, तो पूरे प्रदेश में 12.56 करोड़ वोटर और ग्रामीण क्षेत्रों में 12.69 करोड़ वोटर कैसे हो सकते हैं?
  • 'वोट काटे या जोड़े? विधानसभा मतदाता ड्राफ्ट में 2.88 करोड़ वोटर काटे गए हैं, जबकि पंचायत चुनाव में उन्हीं BLO द्वारा 40 लाख जोड़े गए हैं. क्या इसी तथ्य को छुपाने के लिए पंचायत चुनाव का फाइनल SIR ड्राफ्ट 50 दिन की देरी से लाया जा रहा है?'
  • 'कौन सा आंकड़ा सही? चुनाव आयोग बताए कि दोनों में से कौन सा SIR सही है, क्योंकि ये दोनों आंकड़े एक साथ सही नहीं हो सकते.'

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग का ऐप उसी कंपनी ने बनाया है जिसने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बीजेपी को चंदा दिया है, तो आयोग निष्पक्ष कैसे हो सकता है? उन्होंने सुझाव दिया कि धांधली रोकने के लिए वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से जोड़ देना चाहिए, क्योंकि आधार में आंख का रेटिना और फिंगरप्रिंट होता है, जिससे सब अपने आप ठीक हो जाएगा.

 

 

ED, CBI और सुरक्षा पर हमला

केंद्रीय एजेंसियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि ED और CBI वहीं सक्रिय होती हैं जहां चुनाव होते हैं. उन्होंने सवाल पूछा कि जहां 'कोडीन भाई' लोग घूम रहे हैं और 800 करोड़ का फंड चल रहा है, वहां ED क्यों नहीं जा रही? साथ ही उन्होंने सुरक्षा के मुद्दे पर कहा कि यूपी में महिलाएं और बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं.

    follow whatsapp