UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति के तमाम उतार-चढ़ावों और तीखे बयानों को समेटे हुए 'आज का यूपी' में हम राज्य की तीन बड़ी सियासी खबरों का विश्लेषण करेंगे. शुक्रवार के बुलेटिन में तीन प्रमुख खबरें छाई रहीं. पहली- अखिलेश यादव का खुद को क्षत्रिय बताना और बृजभूषण शरण सिंह का उन्हें मिला समर्थन. दूसरी कोडीन कफ सिरप घोटाले पर सीएम योगी और अखिलेश यादव के बीच छिड़ी जुबानी जंग और तीसरी लेखपाल भर्ती में आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा में मचने वाला घमासान. आइए एक-एक कर सभी खबरों को विस्तार से देखते हैं.
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अखिलेश यादव का क्षत्रिय कार्ड और बृजभूषण का समर्थन
उत्तर प्रदेश की राजनीति में तब एक नया मोड़ आ गया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुद को क्षत्रिय बताया. दरअसल, पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने अखिलेश पर क्षत्रिय विरोधी होने का आरोप लगाया था. इसके जवाब में अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा, "क्षत्रिय तो मैं भी हूं, यह कौन तय करेगा कि क्षत्रिय कौन है?" इस बयान पर मचे बवाल के बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह अखिलेश के समर्थन में उतर आए. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जन्म से यदुवंशी क्षत्रिय हैं और भगवान कृष्ण के वंशज होने के नाते वे क्षत्रिय ही हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश अपनी एंटी-ठाकुर छवि को बदलने के लिए यह नैरेटिव गढ़ रहे हैं.
कोडीन कफ सिरप घोटाला- 'योगी बनाम अखिलेश'
कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का मुद्दा अब लखनऊ की गलियों से निकलकर विधानसभा की दहलीज तक पहुंच गया है. सपा विधायकों ने सदन के बाहर कफ सिरप की बोतलें लेकर प्रदर्शन किया. इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि 'धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करते रहे.' सीएम योगी ने आरोप लगाया कि इस घोटाले के तार समाजवादियों से जुड़े हैं और जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियां छिपाने के लिए दूसरों पर इल्जाम लगा रही है. इस मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के करीबियों के नाम आने से मामला और पेचीदा हो गया है.
लेखपाल भर्ती में आरक्षण पर संग्राम
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लेखपाल भर्ती में आरक्षण की कथित हकमारी का मुद्दा भी गरमाया रहा. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर डेटा साझा करते हुए आरोप लगाया कि 8085 लेखपालों की भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27% के बजाय बहुत कम आरक्षण दिया गया है.
अखिलेश यादव ने दावा किया कि ओबीसी के हक के 1100 से ज्यादा पदों की लूट हुई है. इस पर सरकार भी रक्षात्मक मोड में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी वर्ग के आरक्षण के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मानकों के अनुसार ही भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए.
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