मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी के साथ कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है.
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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर दिग्विजय भाटी की घायल आंख वाली तस्वीर शेयर करते हुए आरोप लगाया कि यूपी में किसान नेताओं को पुलिस हिरासत में थर्ड डिग्री दी जा रही है. उन्होंने मामले की पूरी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
‘किसान का अपमान देश का अपमान’
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि ‘किसान का अपमान देश का अपमान है.’ उन्होंने आरोप लगाया कि किसान के चेहरे पर जूता मारकर भाजपा ने देशभर के किसानों को धमकाने का काम किया है.
उन्होंने यूपी सरकार पर आरोप लगाया कि पुलिस थानों में किसान नेताओं को थर्ड डिग्री दी जा रही है और सरकार हार के डर से घबराई हुई है.
दिग्विजय ने क्या आरोप लगाए?
अमरोहा के रहने वाले दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया है कि मेरठ के पूर्व SSP अविनाश पांडेय ने उनके साथ मारपीट की. दिग्विजय का दावा है कि कार्रवाई मेरठ में एक दलित लड़की की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन से उनके जुड़ाव को लेकर की गई.
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कई घंटे तक कथित तौर पर उन्हें प्रताड़ित किया गया. दिग्विजय के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. मामले में अब जांच शुरू की गई है.
अविनाश पांडेय का हो चुका है ट्रांसफर
दिग्विजय भाटी के आरोपों के बीच अविनाश पांडेय का मेरठ SSP पद से ट्रांसफर हो चुका है. गुरुवार शाम यूपी में कई IPS अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिसमें अविनाश पांडेय को लखनऊ भेजा गया है. इस बीच मेरठ पुलिस ने भी मामले को लेकर जांच शुरू होने की जानकारी दी है.
DIG सहारनपुर करेंगे मामले की जांच
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि 19 अगस्त को SSP कार्यालय में आए लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों का संज्ञान लिया गया है. पुलिस के मुताबिक, मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने मामले की जांच सहारनपुर रेंज के DIG अभिषेक सिंह को सौंपी है. DIG को निर्देश दिया गया है कि वह तथ्यों के आधार पर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपें.
अखिलेश ने किसानों से जुड़े कई मुद्दे गिनाए
अखिलेश यादव ने दिग्विजय भाटी के मामले को किसानों से जुड़े दूसरे मुद्दों से भी जोड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के हितों से समझौता कर रही है.
उन्होंने दावा किया कि सरकार विदेशी संस्थाओं के साथ ऐसे समझौते कर रही है, जिनसे खेती, भंडारण और बीज, खाद तथा कृषि उपज के व्यापार और मार्केटिंग पर कुछ लोगों का नियंत्रण बढ़ेगा.
अखिलेश ने MSP को लेकर किसानों की मांग नहीं मानने, खरीद के वादों से पीछे हटने और खाद के लिए किसानों को लंबी कतारों में खड़े होने का भी आरोप लगाया.
‘दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो’
अखिलेश यादव ने किसान आंदोलन के दौरान 700 से ज्यादा किसानों की मौत का भी जिक्र किया और भाजपा सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए. जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उसे सेवा से बर्खास्त किया जाए. अपनी पोस्ट के अंत में लिखा- ‘आज का किसान कहता है, हमें भाजपा नहीं चाहिए.’
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