Opinion: क्यों चुप हैं माता प्रसाद पांडेय? ब्राह्मण मतदाताओं में संदेश देने के लिए अखिलेश ने दिया था नेता प्रतिपक्ष का पद

UP Political News: सपा नेता राजकुमार भाटी के विवादित बयान से यूपी की सियासत गरमाई. अखिलेश यादव और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल. जानिए पूरा मामला.

Mata Prasad Pandey

यूपी तक

• 10:49 AM • 17 May 2026

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समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने हाल ही में ब्राह्मणों को लेकर एक बेहद विवादित बयान दिया. एक लोकोक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने ब्राह्मणों को वेश्या से भी खराब बताया. भाटी के इस बयान से सूबे की सियासत में उबाल है. ब्राह्मण समाज से लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियों ने भाटी के बयान पर नाराजगी जाहिर की है. लेकिन सपा पार्टी की ओर से अभी तक कोई सख्त टिप्पणी भाटी के लिए नहीं आई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा के प्रमुख ब्राह्मण चेहरे माता प्रसाद पांडेय ने भी चुप्पी साध रखी है. 

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अखर रही है माता प्रसाद पांडेय की चुप्पी

दरअसल माता प्रसाद पांडेय की चुप्पी सबसे ज्यादा अखरने वाली है, क्योंकि उन्हें अखिलेश यादव ने इसीलिए नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर बिठाया ताकि यूपी के ब्राह्मण वोटों को साधा जा सके. लेकिन अब जब उन्हीं के पार्टी के नेताओं द्वारा लगातार ब्राह्मण समाज का अपमान किया जा रहा है तो माताप्रसाद पांडेय चुप हैं. दूसरी तरफ साल 2024 में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी संभालने के बाद माताप्रसाद पांडेय लगातार ये सवाल उठाते रहे हैं कि यूपी में ब्राह्मण समाज भयभीत है. लेकिन राजकुमार भाटी के बयान के बाद माता प्रसाद पांडेय की तरफ से लगातार चुप्पी का रास्ता अख्तियार किया गया है. 

खुद अखिलेश भी पत्रकारों से पूछते रहे हैं जाति

ये पहला मामला नहीं है जब सपा के किसी नेता ने ब्राह्मणों को लेकर कोई अमर्यादित टिप्पणी की हो. खुद अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो आपको मिल जाएंगे जब वो पत्रकारों से सीधे उनकी जाति पूछते हैं. जैसे ही अखिलेश को पता चलता है कि सवाल पूछने वाला शख्स ब्राह्मण है तो उनके (अखिलेश का) बोलने का अंदाज बदल जाता है. एक पत्रकार के सवाल से नाराज अखिलेश यादव ने सरनेम पूछ कर कहा था-“नाम क्या है तुम्हारा... हां मिश्रा जी... अरे मिश्रा जी कुछ तो शर्म करो. पत्रकारिता करो... ऐ छोड़ो तुम, हटो अपना कैमरा कहीं और ले जाओ मिश्रा.” अखिलेश का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल होता रहा है और इसके लिए सपा की खूब आलोचना भी होती है.

डिप्टी सीएम विवादास्पद टिप्पणी

समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया सेल के X हैंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक (ब्राह्मण) पर अत्यंत आपत्तिजनक पोस्ट किया था, जिसमें लिखा था कि “बृजेश पाठक का DNA सोनागाछी और GB रोड का है”. यह पोस्ट बृजेश पाठक द्वारा सपा के DNA में मुस्लिम तुष्टिकरण और गुंडागर्दी होने की टिप्पणी के जवाब में किया गया. विवाद बढ़ने पर सपा ने पोस्ट डिलीट कर दिया, लेकिन इसे लेकर सपा की खूब आलोचना हुई थी. इस मामले में FIR भी दर्ज हुई थी और ब्राह्मण संगठनों ने सपा की जातिवादी मानसिकता की निंदा की थी.

ब्राह्मण वोटों को लुभाने के लिए प्रयास करती रही है सपा

दरअसल उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय समाजवादी पार्टी का पारंपरिक वोटर नहीं रहा है. सपा द्वारा इस समुदाय को लुभाने के लिए समय-समय पर प्रयास किए जाते रहे हैं, जैसे 2021-22 में ब्राह्मण नेताओं से मुलाकातें, ब्राह्मण सम्मेलन, परशुराम मंदिरों की घोषणा, माता प्रसाद पांडे को विपक्ष का नेता बनाना और हालिया ब्राह्मण नेताओं को परशुराम प्रतिमा भेंट करना. हालांकि, पार्टी की तरफ से आने वाली विवादित टिप्पणियां-जैसे राजकुमार भाटी का “ब्राह्मण भला न वेश्या” वाला बयान, बृजेश पाठक पर “DNA सोनागाछी-GB रोड” वाली आपत्तिजनक पोस्ट और अखिलेश यादव का “कुछ तो शर्म करो मिश्रा जी” वाला जातिगत टिप्पणी-इन प्रयासों को लगातार कमजोर कर देते हैं.

लेखक: भावेष पांडेय (लेखक इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अधिवक्ता हैं. राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करते हैं)

 

(Disclaimer: यहां व्यक्त विचार लेखक की व्यक्तिगत राय हैं.)