शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मिली अग्रिम जमानत, यौन उत्पीड़न मामले में बड़ी राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य को दी अग्रिम जमानत. पॉक्सो एक्ट और यौन उत्पीड़न मामले में बड़ी राहत.

यूपी तक

• 06:51 PM • 25 Mar 2026

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मिली अग्रिम जमानत; यौन उत्पीड़न मामले में बड़ी राहत
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित यौन उत्पीड़न और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है. जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच ने यह महत्वपूर्ण आदेश सुनाया, जिससे दोनों पर मंडरा रहा गिरफ्तारी का खतरा फिलहाल टल गया है.

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क्या था मामला?

बटुकों के कथित यौन शोषण के आरोपों को लेकर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ केस दर्ज किया था. इस मामले में पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं. एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही दोनों की गिरफ्तारी की संभावना बनी हुई थी, जिसके बचाव में उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

कोर्ट की कार्यवाही और फैसला

हाईकोर्ट ने इस मामले की गहन सुनवाई के बाद पिछली 27 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज अपना निर्णय सुनाते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी. याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई थी कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है, जिस पर विचार करते हुए अदालत ने राहत प्रदान की.

यह आदेश ऐसे समय में आया है जब धार्मिक और सामाजिक हलकों में इस मामले को लेकर काफी चर्चा थी. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब विवेचना की प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन पुलिस बिना कोर्ट की अनुमति के उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकेगी.