अमेठी की एक मुख्य सड़क, जो पहले 5 मीटर चौड़ी हुआ करती थी, निर्माण के बाद महज 3 मीटर की रह गई है. लोक निर्माण विभाग की इस कथित लापरवाही ने न केवल यातायात को प्रभावित किया है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए वाहन चलाना भी दूभर कर दिया है. करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद सड़क की गुणवत्ता और चौड़ाई मानकों पर खरी नहीं उतर रही है.
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स्कूल के पास बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा
सड़क का यह हिस्सा एक स्थानीय स्कूल के पास स्थित है, जिससे बच्चों और निवासियों के लिए सुरक्षा का संकट पैदा हो गया है. हैरानी की बात यह है कि सड़क के दोनों ओर पर्याप्त खाली जगह मौजूद है, लेकिन सड़क को संकरा कर दिया गया है. यदि कोई वाहन सड़क से नीचे उतरने की कोशिश करता है, तो टायर पंचर होने का डर बना रहता है. इस स्थिति के कारण यहाँ अक्सर लंबा जाम लग रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है.
विभाग का तर्क बनाम जनता का आरोप
इस मामले पर सरकारी विभाग का कहना है कि सड़क पहले भी 3 मीटर ही चौड़ी थी. विभाग के अनुसार, इस बार सड़क को 'सीसी' (सीमेंट कंक्रीट) से बनाया गया है ताकि बारिश के मौसम में यह खराब न हो. हालांकि, स्थानीय निवासी विभाग के इस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं. लोगों का स्पष्ट कहना है कि सड़क पहले काफी चौड़ी थी और इसे जानबूझकर छोटा किया गया है.
भ्रष्टाचार की जांच और चौड़ीकरण की मांग
क्षेत्र के लोग अब सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं. उनका सवाल है कि क्या यह कोई तकनीकी चूक है या जानबूझकर किया गया घोटाला? लाखों-करोड़ों की लागत के बावजूद मानक पूरे न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों को घेरा जा रहा है. स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि समस्या का तुरंत समाधान निकाला जाए और सड़क को पूर्व की भांति चौड़ा किया जाए ताकि यातायात सुचारू हो सके.
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