13 साल तक कोमा की दुनिया में संघर्ष करने वाले बीटेक छात्र हरीश राणा की अंतिम विदाई का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में गाजियाबाद की ब्रह्माकुमारी रूपा दीदी हरीश को तिलक लगाते हुए और 'कार्मिक अकाउंट' क्लियर कर शांत मन से विदा होने की प्रेरणा देते हुए नजर आ रही हैं. सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'पैसिव यूथेनेशिया' की अनुमति मिलने के बाद, हरीश ने 24 मार्च 2026 को अंतिम सांस ली और आज 25 मार्च को दिल्ली के ग्रीन पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया गया.
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ब्रह्माकुमारी रूपा दीदी ने भावुक होते हुए बताया कि 14 मार्च को जब हरीश को एम्स ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने 15-20 मिनट का मेडिटेशन किया और उन्हें तिलक लगाकर विदा किया. रूपा दीदी ने हरीश के संघर्ष को वंदनीय बताया और इस कठिन यात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिला प्रशासन, डॉक्टर्स और कानूनी विशेषज्ञों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.
हरीश राणा की यह कहानी 2013 में पंजाब विश्वविद्यालय की चौथी मंजिल से गिरने के बाद शुरू हुई थी, जिसमें सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण वे कोमा में चले गए थे. पिता अशोक राणा और उनके भाई आशीष ने वर्षों तक संघर्ष किया और अंततः सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने उन्हें इस पीड़ा से मुक्ति दिलाई. परिवार अब हरीश की शांति के लिए ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय माउंट आबू में विशेष भोग अर्पित करने की योजना बना रहा है. इस पूरी घटना ने न केवल गाजियाबाद बल्कि देश-दुनिया के लोगों को भावुक कर दिया है.
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