उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक विशालकाय कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग अचानक ढह गई. हादसे के वक्त अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे के नीचे दब गए. घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीमें मौके पर पहुँच गईं और युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है.
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मलबे से सुरक्षित निकाले गए कई लोग, रेस्क्यू जारी
हादसे वाली जगह पर अफरा-तफरी का माहौल है. भारी मशीनों और बुलडोजरों (JCB) की मदद से मलबे को हटाने का काम किया जा रहा है. अब तक कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है. हालांकि, मलबे की विशालता को देखते हुए अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. जिलाधिकारी (DM) खुद मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं.
जर्जर बिल्डिंग और लापरवाही पर उठे सवाल
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग का जर्जर होना बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों और वहां काम करने वाले मजदूरों का आरोप है कि बिल्डिंग की हालत पहले से खराब थी और इसकी कई बार जांच की बात भी सामने आई थी, लेकिन समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि दुर्घटना के असली कारणों और दोषियों का पता लगाया जा सके.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और डायवर्जन
बचाव कार्य में कोई बाधा न आए, इसके लिए प्रशासन ने आसपास के रास्तों को डायवर्ट कर दिया है. राहत टीमों के लिए रास्ता साफ रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है. एसडीआरएफ की टीम चौबीसों घंटे काम कर रही है ताकि हर एक दबे हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. इस घटना ने एक बार फिर पुराने और जर्जर व्यावसायिक ढांचों की सुरक्षा और उनकी समय-समय पर होने वाली स्ट्रक्चरल ऑडिट पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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