मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 1228 नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए. इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अब सरकारी नियुक्तियां केवल योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर हो रही हैं. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश या लेन-देन की कोई गुंजाइश नहीं है और पूरी चयन प्रक्रिया की निगरानी आधुनिक तकनीक और कैमरों के जरिए की जा रही है.
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सरकार की आरक्षण नीति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नियुक्तियों में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति के साथ-साथ दिव्यांगजन और पूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल रिजर्वेशन का सख्ती से पालन किया जा रहा है. उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश के 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. यह संख्या केवल रोजगार का आंकड़ा नहीं है, बल्कि उन लाखों परिवारों की बदलती सामाजिक और आर्थिक स्थिति का प्रतीक है जिन्हें बिना किसी भेदभाव के अवसर मिले हैं.
कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों के चेहरों पर उत्साह और भविष्य को लेकर नई उम्मीदें दिखाई दीं. मुख्यमंत्री ने इस सफलता को डबल इंजन सरकार की सबसे विश्वसनीय पहचान बताया, जो समाज के हर तबके को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में शुचिता और ईमानदारी को बढ़ावा देना ही योग्य युवाओं को सम्मान देने का सबसे बड़ा उदाहरण है.
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