मथुरा के प्रसिद्ध गौ रक्षक 'फरसा वाले बाबा' (चंद्रशेखर बाबा) की दुखद मृत्यु पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ा बयान देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. शंकराचार्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार दावा करती है कि राज्य में गाय सुरक्षित है, लेकिन हकीकत में गौ रक्षकों पर हमले हो रहे हैं. उन्होंने सरकार के कथनी और करनी में अंतर बताया.
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शंकराचार्य ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए कहा कि बाबा ने गायों से लदे ट्रक को रोकना चाहा था, जिसे गौ तस्करों ने उन पर चढ़ा दिया और उनके प्राण ले लिए. उन्होंने मथुरा पुलिस से 'दूध का दूध और पानी का पानी' करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर उन पर कड़ी धाराएं लगाई जानी चाहिए.
आपको बता दें कि 21 मार्च की सुबह करीब 4 बजे दिल्ली-आगरा हाईवे (कोसीकलां) पर यह घटना हुई. बाबा की मौत की खबर फैलते ही हाईवे पर भारी भीड़ जमा हो गई. गुस्साए समर्थकों ने जमकर पथराव किया और पुलिस की गाड़ियां तक तोड़ दीं. हालात को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.
पुलिस का 'हादसा' वाला एंगल
मथुरा पुलिस का कहना है कि यह हत्या नहीं बल्कि एक सड़क हादसा है. पुलिस के अनुसार, जिस ट्रक को बाबा ने संदिग्ध समझकर रोका था, उसमें गायें नहीं बल्कि परचून का सामान था. कोहरे के कारण पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने टक्कर मार दी थी.
शंकराचार्य ने बाबा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे गौ माता की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित थे और जहाँ भी गौ माता की बात आती थी, वे सबसे पहले खड़े होते थे.
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