मथुरा के कोसीकलां में 'फरसा वाले बाबा' (चंद्रशेखर बाबा) के अंतिम संस्कार के दौरान भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा. बाबा की अंतिम विदाई के समय माहौल बेहद गमगीन था और समर्थकों में भारी आक्रोश भी देखने को मिला. बाबा चंद्रशेखर के अंतिम दर्शनों के लिए उनकी गौशाला के बाहर और छतों पर हजारों लोगों की भीड़ जमा थी. जब उनकी अर्थी उठी, तो पूरा इलाका 'गौ माता की जय' के नारों से गूंज उठा. कई समर्थक फूट-फूट कर रोते नजर आए.
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मौत पर विवाद और समर्थकों का आक्रोश
समर्थकों का दावा है कि बाबा गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे और तस्करों ने जानबूझकर उनकी बाइक को टक्कर मारकर उनकी हत्या कर दी. वे बाबा को 'गौ पुत्र शहीद' का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं. शनिवार सुबह बाबा की मौत की खबर फैलते ही गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर चक्का जाम कर दिया. इस दौरान पुलिस पर पथराव और तोड़फोड़ भी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.
पुलिस का स्पष्टीकरण
पुलिस प्रशासन ने इसे एक सड़क हादसा बताया है. पुलिस के अनुसार, बाबा ने एक संदिग्ध कंटेनर को रोका था, तभी घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे एक राजस्थानी नंबर के ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी. जांच में कंटेनर के अंदर किराने का सामान पाया गया, गौ तस्करी का कोई प्रमाण नहीं मिला.
पुलिस ने माहौल बिगाड़ने और पथराव करने के आरोप में कई लोगों को हिरासत में लिया है. प्रशासन का मानना है कि ईद के मौके पर कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर अफवाहें फैलाकर शांति भंग करने की कोशिश की.
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