उत्तर प्रदेश में सामाजिक और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई योजनाओं ने धरातल पर व्यापक असर दिखाया है. पारदर्शी वितरण व्यवस्था के माध्यम से अब सरकारी लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँच रहा है. वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश में करोड़ों जनधन खाते खोले गए हैं, जिससे आर्थिक सुरक्षा का ढांचा सुदृढ़ हुआ है.
ADVERTISEMENT
खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान
प्रदेश की एक बड़ी आबादी को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 15 करोड़ परिवारों को हर महीने मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है. इसी क्रम में, ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार आया है. इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता राशि बढ़ाकर लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुँचाया जा रहा है.
बजट 2026-27: सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता
वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं. इसमें मुख्य रूप से पेंशन योजनाओं को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ दिव्यांगजनों और अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल गरीबी कम हुई है, बल्कि सरकारी नौकरियों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है.
2047 तक 'विकसित उत्तर प्रदेश' का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार की इन नीतियों का मूल उद्देश्य सभी नागरिकों को आर्थिक व खाद्य सुरक्षा के साथ सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है. सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2047 तक एक समृद्ध और समावेशी समाज का निर्माण करना है, जहां समाज का कोई भी पिछड़ा या वंचित वर्ग विकास की दौड़ में पीछे न रहे.
ADVERTISEMENT









