उत्तर प्रदेश में आज तीन प्रमुख घटनाओं ने सियासी और सामाजिक सरगर्मी बढ़ा दी है. प्रतापगढ़ में एक पूर्व प्रधान की अय्याशी के चलते हुई हत्या से लेकर, राजनीतिक मंचों से दी जा रही एनकाउंटर की धमकियों तक, यूपी की हलचलें तेज हैं.
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18 बच्चों के पिता और पूर्व प्रधान मुन्ना की 'आशिकी' ने ली जान
प्रतापगढ़ के पूर्व प्रधान मुस्तका गुलशन उर्फ मुन्ना की खौफनाक हत्या की दास्तान सामने आई है. 50 वर्षीय मुन्ना की दो पत्नियां और 18 बच्चे थे, लेकिन उसकी अय्याश मिजाजी उसकी मौत का कारण बनी.
मुन्ना की लाश नहर किनारे एक बोरे में बंद मिली.
वजह: जांच के अनुसार, मुन्ना गांव की अन्य महिलाओं, विशेषकर हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था. एक दलित महिला, जिससे उसके संबंध थे, ने अपने प्रेमी और भाइयों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी. पुलिस इस मामले में 'लव जिहाद' और 'आपराधिक लापरवाही' जैसे सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
शौकत अली का विवादित बयान- '11 विधायक जिताओ, पुलिस का करेंगे एनकाउंटर'
AIMIM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने एक बार फिर भड़काऊ बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने एक जनसभा में खुलेआम धमकी दी कि यदि 2027 के चुनाव में जनता उन्हें केवल 11 विधायक जिता कर दे दे, तो वे उन पुलिसकर्मियों का एनकाउंटर करवा देंगे जो मुसलमानों का एनकाउंटर करते हैं. इस बयान के वायरल होते ही मेरठ पुलिस ने शौकत अली के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है.
ओम प्रकाश राजभर का पलटवार, शौकत अली को बताया 'बेवकूफ'
शौकत अली के बयान पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बेहद कड़े और अपशब्दों भरे लहजे में जवाब दिया है. राजभर ने शौकत अली को 'कम पढ़ा-लिखा' और 'बेवकूफ' करार देते हुए तंज कसा कि जब 111 विधायक लेकर अखिलेश यादव कुछ नहीं कर पाए, तो 11 विधायक वाला क्या करेगा. राजभर ने आगे कहा कि भाजपा सरकार में मुस्लिम बच्चे IAS बन रहे हैं, जबकि विपक्षी दल उन्हें केवल विवादों तक सीमित रखते थे.
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