गोरखपुर के पॉश इलाके में भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की दिनदहाड़े हुई हत्या ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है. पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. राजकुमार चौहान जब सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तब घर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर हमलावरों ने उन्हें घेर लिया.
ADVERTISEMENT
उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया. घायल होने के बावजूद वे करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर उनकी जान ले ली. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर 11 जख्म पाए गए हैं. यह घटना गोरखपुर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके और गोरखनाथ मंदिर के काफी करीब हुई है.
पुलिस का खुलासा और गिरफ्तारी
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दो युवकों राज चौहान और विपिन यादव को गिरफ्तार किया है. ये दोनों बरगदवा के रहने वाले हैं और डंपर चालक हैं. पूछताछ में पता चला कि राजकुमार चौहान के भतीजे के साथ आरोपियों का पुराना विवाद और मारपीट हुई थी. इसी अपमान का बदला लेने के लिए आरोपियों ने राजकुमार चौहान की हत्या की. मामले में कुल 8 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से 2 पकड़े जा चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है.
BJP सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल का तीखा तेवर
दिल्ली से पार्लियामेंट की कार्यवाही छोड़कर गोरखपुर पहुंचे बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने इसे 'मास लिंचिंग' करार दिया और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोरखनाथ मंदिर के इतने पास ऐसी घटना "चिराग तले अंधेरा" जैसा है. उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि अगर किसी ने भी आरोपियों को बचाने की कोशिश की, तो वे इस मामले को राज्यसभा में उठाएंगे और दोषियों व उनके संरक्षकों को बेनकाब कर देंगे.
ADVERTISEMENT









