बाराबंकी में भीम आर्मी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले करणी सेना के नेता अभिनव सिंह को गहरा झटका लगा है. चंद्रशेखर आजाद को सीधी धमकी देने के बाद उपजे विवाद के बीच, करणी सेना ने अभिनव सिंह को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
ADVERTISEMENT
विवाद की शुरुआत
बाराबंकी में कांशीराम की जयंती के अवसर पर चंद्रशेखर आजाद की एक रैली प्रस्तावित थी. करणी सेना के तत्कालीन प्रदेश महासचिव अभिनव सिंह ने चंद्रशेखर आजाद को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि वे उन्हें बाराबंकी की धरती पर कदम नहीं रखने देंगे. अभिनव सिंह का आरोप था कि चंद्रशेखर आजाद सवर्णों और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हैं, इसलिए उनका विरोध किया जाएगा.
चंद्रशेखर आजाद का पलटवार
भारी सुरक्षा और समर्थकों के बीच चंद्रशेखर आजाद ने बाराबंकी में रैली की. मंच से उन्होंने अभिनव सिंह की धमकियों का कड़ा जवाब देते हुए कहा, "हम वो लोग हैं जो चमड़ा उतारना भी जानते हैं, उसका जूता बनाना भी जानते हैं और समय आने पर उसे सिर पर मारना भी जानते हैं."
अभिनव सिंह पर कार्रवाई
चंद्रशेखर आजाद के शक्ति प्रदर्शन और उनके तीखे बयानों के बाद करणी सेना की साख पर सवाल उठने लगे. इसके तुरंत बाद एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया, जिसमें श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने अभिनव सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों और संगठन की छवि धूमिल करने के आरोप में निष्कासित कर दिया.
करणी सेना के तीन गुट
अभी करणी सेना के तीन प्रमुख गुट सक्रिय हैं.
ADVERTISEMENT









