फतेहपुर ट्रिपल मर्डर या कोई और साजिश! 2 वकीलों की गिरफ्तारी पर कोर्ट में भारी बवाल

Fatehpur Triple Death Case: फतेहपुर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है. सुसाइड नोट में नाम होने पर पुलिस ने दो वकीलों को गिरफ्तार किया, जिसके बाद कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच भयंकर भिड़ंत हुई.

यूपी तक

• 11:44 AM • 13 Mar 2026

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फतेहपुर जिले के चौफेरवा गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. इस मामले में पुलिस द्वारा दो वकीलों की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट परिसर में भारी बवाल देखने को मिला. आपको बता दें कि यहां एक घर के अंदर देवर (सुनील), भाभी (सुशीला) और बेटे (अमर) के खून से सने शव मिले थे. 

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घर के मुखिया सुशील श्रीवास्तव काम से बाहर गए थे. जब उन्होंने फोन किया और नहीं उठा, तो पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर देखा, जहां तीनों के शव पड़े थे.  कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए पुलिस इसे प्रथम दृष्टया हत्या के बजाय सामूहिक आत्महत्या का मामला मान रही है, जो किसी भारी दबाव में आकर की गई.

सुसाइड नोट और गिरफ्तारी

पुलिस को मौके से एक नोट मिला है जिसमें 5 लोगों के नाम और उनके खिलाफ गंभीर आरोप लिखे हैं. नोट के आधार पर आरोप है कि इन लोगों द्वारा पैसों के लेनदेन को लेकर परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और उन्हें SC-ST एक्ट के फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जा रही थी. 

वकीलों की गिरफ्तारी पर बवाल

गिरफ्तार किए गए 4 आरोपियों में से दो संजय सिंह और दिलीप पेशे से वकील हैं. जैसे ही पुलिस इन दोनों को कोर्ट में पेश करने ले गई, वहां भारी संख्या में वकील इकट्ठा हो गए और पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई. वकीलों का दावा है कि उनके साथियों को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और इस घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है. 

पुलिस अधिकारियों (ADG और IG प्रयागराज) का कहना है कि मौके पर संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले हैं (जैसे दीवारों पर खून के छींटे). पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सुसाइड नोट में नामजद लोगों ने परिवार को किस हद तक ब्लैकमेल या प्रताड़ित किया था.