वाराणसी के यूपी कॉलेज (UP College) में हुई सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद का मंजर बेहद हृदयविदारक है. जवान बेटे के शव को देखकर उसके पिता ऋषि देव बेसुध हो गए और उन्होंने तब तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया जब तक कि आरोपी का 'एनकाउंटर' नहीं हो जाता. सूर्य प्रताप के पिता ऋषि देव, जो घटना के समय लखनऊ में थे, खबर मिलते ही वाराणसी पहुंचे. अपने इकलौते बेटे के शव को देखकर वे अपने पैरों पर खड़े भी नहीं हो पा रहे थे.
ADVERTISEMENT
परिजनों ने बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरना दिया और मांग की कि जब तक हत्यारे का एनकाउंटर नहीं होगा, वे शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे. पिता ने भर्राए गले से कहा, "हमारा तो इकलौता चिराग बुझ गया, अब हमारे पास कोई नहीं है. प्रशासन को हमारा सहयोग करना चाहिए."
आपको बता दें कि यूपी कॉलेज में बीएससी सेकंड ईयर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह को कॉलेज के ही छात्र मंजीत चौहान ने प्रिंसिपल रूम के बाहर दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया. बताया जा रहा है कि सूर्य प्रताप को 8 गोलियां मारी गई थीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें गैलरी में सूर्य प्रताप निढाल पड़ा हुआ है और मंजीत वहां से भागता दिख रहा है.
पिता के अनुसार, उन्हें किसी पुरानी रंजिश की जानकारी नहीं थी. उन्हें सुनने में आया कि प्रिंसिपल ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए बुलाया था, और उसी दौरान यह हमला हो गया. परिजनों और छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं.
पुलिस ने मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया है. मंजीत और उसके साथी अनुज ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. अनुज ठाकुर फिलहाल फरार बताया जा रहा है. काफी जद्दोजहद और पुलिस के समझाने के बाद परिजन शव को शिवपुर स्थित आवास पर ले जाने के लिए तैयार हुए.
ADVERTISEMENT









