फिल्म 'धुरंधर 2' की रिलीज के बाद अतीक अहमद हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस फिल्म में अतीक अहमद की लाइव हत्या और उसके कथित आईएसआई (ISI) कनेक्शन को जिस तरह से दिखाया गया है, उसने दर्शकों और जानकारों के बीच नई बहस छेड़ दी है. यूपी Tak की खास रिपोर्ट में उन पत्रकारों ने अपनी आंखों देखी सच्चाई बयां की है, जो उस रात प्रयागराज के केल्विन अस्पताल के बाहर मौजूद थे जब अतीक और अशरफ को सरेआम गोलियों से भून दिया गया था.
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वीडियो में रिपोर्टर समर्थ श्रीवास्तव और कैमरामैन नीरज कुमार बताते हैं कि फिल्म में हत्या के दृश्य का फिल्मांकन बिल्कुल वैसा ही है जैसा असलियत में हुआ था. पत्रकारों के अनुसार, फिल्म में जिस एंगल से पिस्टल लाई गई और जिस तरह से शूटआउट हुआ, वह हूबहू उस रात की याद दिलाता है. हालांकि, फिल्म में दिखाए गए आईएसआई एंगल और नोटबंदी से जुड़े दावों पर पत्रकारों का कहना है कि पुलिस पूछताछ में अतीक ने पाकिस्तान और पंजाब बॉर्डर से हथियारों के लेनदेन की बात कबूलने की खबरें उस वक्त सूत्रों के हवाले से आई थीं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि और गहराई की जानकारी जांच एजेंसियों के पास ही है.
इस हत्याकांड के समय मौके पर मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उस रात वे केवल एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू की उम्मीद में वहां गए थे, लेकिन अचानक हुई गोलीबारी ने सबको स्तब्ध कर दिया. कैमरामैन नीरज कुमार ने बताया कि फिल्म आने के बाद अब लोग उनसे यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या वाकई अतीक अहमद का नेटवर्क इतना बड़ा था कि वह नेपाल के रास्ते जाली करेंसी मंगवा रहा था. जहां एक पक्ष उसे केवल एक माफिया और गुंडा मानता है, वहीं दूसरा पक्ष उसे देशद्रोही मानने से इनकार करता है. फिलहाल, फिल्म ने उन पुराने जख्मों और सवालों को एक बार फिर ताजा कर दिया है जिनके जवाब आज भी लोग तलाश रहे हैं.
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