वाराणसी के यूपी कॉलेज (UP College) में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी मंजीत चौहान को पुलिस ने घटना के मात्र 10 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है. मंजीत चौहान खुद को सोशल मीडिया पर "माफिया" और "डॉन" के रूप में पेश करता था.
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मंजीत चौहान (बीए सेकंड ईयर का छात्र) खुद को अपराधी के रूप में पेश करने का शौकीन था. घटना से पहले उसने अपने Instagram पर एक स्टोरी लगाई थी, जिसमें अपनी तस्वीर के साथ "मंजीत माफिया" लिखा था और बंदूक की इमोजी भी लगाई थी. मंजीत के खिलाफ पहले से ही शिवपुरी थाने में मारपीट और गुंडागर्दी के मामले दर्ज हैं. वह कॉलेज कैंपस में अपनी धाक और वर्चस्व कायम करना चाहता था.
हत्या की वजह और साजिश
पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि सूर्य प्रताप और मंजीत के बीच वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद चला आ रहा था. बताया जा रहा है कि दोनों छात्रों को उनके बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा समझौते के लिए बुलाया गया था, लेकिन इसी दौरान मंजीत ने सूर्य प्रताप पर फायरिंग कर दी.
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
वाराणसी पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में लगी थीं. घटना के 10 घंटे के अंदर मंजीत चौहान को पकड़ लिया गया. इस मामले में मंजीत के साथ उसके दोस्त अनुज ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
कॉलेज प्रशासन पर सवाल
छात्रों ने आरोप लगाया है कि जब कॉलेज में परीक्षाएं चल रही थीं और सुरक्षा कड़ी थी, तब मंजीत हथियार (असलहा) लेकर कैंपस के अंदर कैसे पहुंचा? प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रिंसिपल और चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ भी लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है.
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