दारोगा भर्ती परीक्षा में हिंदी और GS के ट्रिकी सवालों ने अभ्यर्थियों को किया परेशान? आखिर ऐसा क्या था

UP police exam: यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन वाराणसी में पहली पाली का पेपर रहा संतुलित. रीजनिंग और मूल विधि के सवालों ने अभ्यर्थियों को थोड़ा उलझाया जबकि हिंदी और गणित रहे स्कोरिंग.

रोशन जायसवाल

• 02:42 PM • 15 Mar 2026

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UP police exam: वाराणसी में यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन पहली पाली देकर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. जहां हिंदी और गणित के सवाल कई छात्रों को आसान लगे. वहीं रीजनिंग के 'ब्लड रिलेशन' और 'डायरेक्शन' जैसे सवालों ने काफी समय खराब किया. अभ्यर्थियों का मानना है कि परीक्षा में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र 'टाइम मैनेजमेंट' है. क्योंकि 120 मिनट में 160 सवालों को हल करना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है. यूपी TAK की ग्राउंड रिपोर्ट में जानें कैसा रहा आज का पेपर और किन विषयों ने छात्रों को सबसे ज्यादा परेशान किया.

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रीजनिंग और मूल विधि: समय खपाने वाले विषय

अभ्यर्थियों के अनुसार, रीजनिंग में 'ब्लड रिलेशन' (A+B वाले सवाल) और 'सीरीज' के प्रश्न काफी घुमावदार थे. एक अभ्यर्थी ने बताया कि ब्लड रिलेशन के सवालों को समझने और पढ़ने में ही 2-3 मिनट लग जा रहे थे जो काफी टाइम टेकिंग था. वहीं मूल विधि और जीएस (GS) के कुछ प्रश्न भी लेंदी थे जिन्हें समझने में छात्रों को मशक्कत करनी पड़ी.

स्कोरिंग रहे ये विषय

ज्यादातर अभ्यर्थियों ने हिंदी को काफी आसान बताया. हालांकि साहित्य खंड से 4-5 सवाल पूछे गए थे जिसमें उपन्यास और अलंकारों पर जोर रहा. गणित के बारे में छात्रों का कहना था कि सवाल कठिन नहीं थे. लेकिन जिनके कैलकुलेशन फास्ट हैं उनके लिए यह खंड काफी अच्छा रहा.

कल के मुकाबले आज का स्तर

वाराणसी में परीक्षा देकर निकले छात्रों ने तुलना करते हुए बताया कि कल का पेपर आज के मुकाबले थोड़ा ज्यादा आसान था. आज रीजनिंग और मैथ में कैलकुलेटिव सवालों की संख्या बढ़ी है जिससे कट-ऑफ पर भी असर पड़ सकता है. अभ्यर्थियों ने सलाह दी कि आने वाली पालियों के छात्रों को पहले हिंदी और जीएस हल कर लेना चाहिए ताकि वे गणित और रीजनिंग के लिए पर्याप्त समय बचा सकें.

टाइम मैनेजमेंट है असली कुंजी

परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद अभ्यर्थियों ने बार-बार एक ही बात दोहराई कि 160 सवालों के लिए 120 मिनट कम पड़ रहे हैं. जिस छात्र ने समय का सही प्रबंधन कर लिया, उसके चयन की संभावना बढ़ जाएगी. चूंकि निगेटिव मार्किंग नहीं है. इसलिए सभी छात्र पूरे सवाल हल करने की कोशिश कर रहे हैं.