वाराणसी (काशी) में देर रात उस समय हलचल बढ़ गई जब रेप के मामले में दोषी और फिलहाल जमानत पर बाहर आए आसाराम बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन करने पहुंचा. भारी सुरक्षा घेरे के बीच आसाराम का यह दौरा चर्चा का विषय बना हुआ है. आसाराम अपने अनुयायियों और दर्जनों पुलिसकर्मियों की जबरदस्त सुरक्षा के बीच व्हीलचेयर पर बैठकर मंदिर पहुंचा. मंदिर के गेट नंबर 4 (VIP और प्रोटोकॉल एंट्री) के जरिए आसाराम अंदर आया.
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हालांकि मंदिर के नियमों के अनुसार आसाराम आम श्रद्धालुओं की तरह ही बाबा के झांकी दर्शन करने पड़े. आसाराम भी स्पर्श दर्शन नहीं कर सका. दर्शन के बाद उसी रास्ते से आसाराम को बाहर निकाला गया और इसके बाद वह वाराणसी स्थित अपने आश्रम के लिए रवाना हो गया.
काशी आने से कुछ दिन पहले (10 मार्च को) आसाराम अयोध्या भी गया था. यहां उसने रामलला के दर्शन किए और सरयू तट पर पूजा-अर्चना की. इस दौरान आसाराम ने भारत की 'सप्त पुरियों' (सात मोक्षदायिनी नगरियों) का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार (माया), काशी, कांची, उज्जैन (अवंतिका) और द्वारका ऐसी जगहें हैं जहां जाने मात्र से मंगल होता है.
आपको बता दें कि आसाराम रेप के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सजा काट रहा है. अभी स्वास्थ्य कारणों या अन्य आधारों पर जमानत पर बाहर है. वह इन दिनों वाराणसी में अपने ही आश्रम में ठहरा हुआ है. यहां से वह विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहा है.
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