UPSI दरोगा भर्ती विवाद: प्रश्न पत्र में 'पंडित' विकल्प पर बवाल तो CM योगी और अखिलेश ये बोले

UP Police Exam Pandit Question: यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द के विवादित इस्तेमाल पर अखिलेश यादव ने उठाई आवाज. जानिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या दिए निर्देश और भर्ती बोर्ड का इस पर क्या है पक्ष.

यूपी तक

• 10:58 AM • 16 Mar 2026

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उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती (UPSI) परीक्षा के एक प्रश्न पत्र में 'पंडित' शब्द के इस्तेमाल को लेकर उपजा विवाद अब और गहरा गया है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस मामले में एंट्री करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. 

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विवाद क्या है?

14 मार्च 2026 को हुई यूपी पुलिस दरोगा भर्ती की पहली शिफ्ट की परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया था. 

प्रश्न: "अवसर के अनुसार बदल जाने वाला" वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए.

विकल्प (Options): (A) पंडित, (B) अवसरवादी, (C) निष्कपट, (D) सदाचारी.

विवाद विकल्प (A) 'पंडित' को लेकर है. लोगों का कहना है कि पंडित शब्द विद्वान और ज्ञानी का प्रतीक है, इसे 'अवसरवादी' जैसे नकारात्मक अर्थ वाले प्रश्न के विकल्प में रखना एक अपमानजनक कृत्य है.  

अखिलेश यादव और बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि कोई किसी समाज को अपमानित क्यों करता है? क्या मुख्यमंत्री दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे? उन्होंने इसे एक समुदाय विशेष की गरिमा पर चोट बताया. देवरिया सदर से विधायक शलभ मणि त्रिपाठी और प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पर नाराजगी जताई और इसे सरकार की छवि धूमिल करने की साजिश बताया. 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया ये निर्देश

विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसी भी जाति, पंथ या संप्रदाय की आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन को परीक्षा की संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और ऐसे 'हैबचुअल ऑफेंडर्स' (अभ्यस्त अपराधियों) को प्रतिबंधित करने को कहा है.

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कहा है कि प्रश्न पत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं किए जाते, बल्कि अति गोपनीय संस्थाओं द्वारा सेट किए जाते हैं. बोर्ड ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. वहीं वाराणसी (बनारस) सहित कई जगहों पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने घाटों पर प्रदर्शन किया और संबंधित एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की.