मैनपुरी के दिल्हा गांव में 10 मार्च की दोपहर जो हुआ, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. एक आम घरेलू खेल लूडो खूनी खेल में तब्दील हो गया. पुलिस ने जब इस गुत्थी को सुलझाया, तो हकीकत जानकर हर कोई दंग रह गया. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी देवर ऋषभ अपनी भाभी के साथ लूडो खेल रहा था. इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई. गुस्से में आकर ऋषभ ने अपनी भाभी को चिकोटी काट ली. इस व्यवहार से नाराज होकर भाभी ने उसे कड़ी चेतावनी दी कि वह इसकी शिकायत अपने पति से करेंगी.
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डर और गुस्से का खूनी संगम
पति से शिकायत होने के डर ने ऋषभ के दिमाग पर कब्जा कर लिया. उसे लगा कि भाई को पता चलने पर घर में बड़ा कलेश होगा. इसी घबराहट और गुस्से में ऋषभ ने अपनी भाभी पर हमला कर दिया और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी ने शातिर दिमाग का परिचय देते हुए मृतका के मोबाइल से सिम कार्ड निकाल कर फेंक दिया ताकि इसे किसी बाहरी का हमला दिखाया जा सके.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला कातिल का चेहरा
शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सब साफ कर दिया. रिपोर्ट में मौत का कारण 'दम घुटना' बताया गया. शक की सुई तुरंत घर के सदस्यों पर घूमी. पुलिस ने जब ऋषभ को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपनी पूरी करतूत बयां कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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