गंगा में नाव पर बैठ इफ्तार करने और साथ में चिकन-बिरयानी खाने के 14 आरोपी कोर्ट में लगे रोने, फिर ये हुआ

Varanasi Ganga Iftar Case:वाराणसी गंगा इफ्तार विवाद: 14 मुस्लिम आरोपियों को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा. चिकन बिरयानी पार्टी और गंगा के अपमान मामले में 23 मार्च को होगी अगली सुनवाई.

Varanasi Iftar Controversy

रोशन जायसवाल

• 11:17 AM • 20 Mar 2026

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Varanasi Ganga Iftar Case: वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर बैठकर इफ्तार पार्टी करने वालों आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. वाराणसी की ACJM-9 कोर्ट ने सभी 14 मुस्लिम आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया है. कोर्ट रूम में पेशी के दौरान आरोपी युवक फूट-फूटकर रोते और माफी मांगते नजर आए.  लेकिन गंभीर धाराओं के चलते उन्हें कोई राहत नहीं मिली. वहीं वादी पक्ष के वकील ने आरोपियों के परिजनों द्वारा धमकी दिए जाने का गंभीर आरोप भी लगाया.

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1 अप्रैल तक जेल में कटेंगे दिन

दशाश्वमेध और मदनपुरा इलाके के रहने वाले मो. अव्वल, आजाद अली, मो.समीर, मो.अहमद उर्फ राजा,  नूर इस्माइल,  मो.फैजान, मो.अहमद, मो.तहसीम, महफूज आलम, मो तौसीफ अहमद, आमिर कैफी, नेहाल अफरीदी, मो.अनस और दानिश सैफी समेत सभी 14 आरोपियों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने साफ किया कि आरोपियों की जमानत पर विचार उनकी पिछली क्रिमिनल हिस्ट्री देखने के बाद ही किया जाएगा. इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को होगी.

शुरुआत में यह मामला 67 IT एक्ट तक सीमित दिख रहा था. लेकिन नाव संचालक अनिल साहनी और सह-संचालक रंजन साहनी के बयानों ने केस को और गंभीर बना दिया.नाविकों ने आरोप लगाया कि मुस्लिम युवकों ने डरा-धमकाकर और उनकी इच्छा के खिलाफ नाव को बीच गंगा में ले जाकर इस काम को अंजाम दिया.इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने अपहरण और धमकी जैसी संगीन धाराएं बढ़ा दी हैं.

रोते हुए माफी मांगते दिखे आरोपी

प्रत्यक्षदर्शियों और वकीलों के अनुसार, जब जज ने रिमांड का आदेश पढ़ा तो सभी आरोपी युवक कोर्ट में ही रोने लगे. उन्होंने जज के सामने कान पकड़कर माफी मांगी और कहा कि उन्हें अपने कृत्य पर पछतावा है. हालांकि अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि वीडियो में जानबूझकर बिंदु माधव मंदिर को टारगेट किया गया और सनातन धर्म का अपमान किया गया जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

वादी के वकील को मिली धमकी?

हिंदू पक्ष के वकील शशांक शेखर त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर में ही आरोपियों की तरफ के कुछ लोगों ने उन्हें 'देख लेने' की धमकी दी है. उन्होंने बताया कि आरोपियों ने न केवल गंगा की पवित्रता भंग की बल्कि नाविकों के साथ भी बदसलूकी की. कोर्ट ने इन सभी बातों को गंभीरता से लेते हुए बेल एप्लीकेशन को फिलहाल एंटरटेन नहीं किया है.