ज्योति मौर्या जैसा एक और मामला! मजदूरी कर पत्नी को BA-MA और B.Ed कराया, सरकारी नौकरी मिलते ही उसके बदल गए तेवर

रोशन जायसवाल

• 12:10 PM • 23 Sep 2026

वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र में एक मजदूर पति ने पत्नी पर पढ़ाई और सरकारी नौकरी के बाद व्यवहार बदलने का आरोप लगाया है. पति के मुताबिक, उसने पत्नी को BA, MA और B.Ed कराया था. मामला कोर्ट पहुंचने के बाद पत्नी, उसके पिता और दो भाइयों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. आरोपों की जांच पुलिस करेगी.

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ज्योति मौर्या मामले के बाद ऐसे कई किस्से चर्चा में आए, जिनमें पति ने पत्नी की पढ़ाई और नौकरी के लिए मेहनत की और बाद में रिश्ते में खटास आ गई. अब वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है. यहां एक मजदूर पति का आरोप है कि उसने 10वीं पास पत्नी को आगे पढ़ाकर BA, MA और B.Ed कराया. पत्नी की सरकारी नौकरी लगने के बाद उसका व्यवहार बदल गया और वह बच्चों को लेकर प्रयागराज चली गई.

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मामला कोर्ट तक पहुंचा तो कोर्ट के आदेश पर पत्नी, उसके पिता और दो भाइयों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है. पति ने इन चारों पर धमकी देने, झूठे मुकदमे में फंसाने और घर से नकदी व गहने ले जाने समेत कई आरोप लगाए हैं.

10वीं पास पत्नी को पति ने पढ़ाया

वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के सरसवां गांव निवासी माता प्रसाद यादव की शादी 17 मई 2011 को चौबेपुर के शंकरपुर गांव निवासी नखड़ू यादव की बेटी ममता यादव से हुई थी. दोनों के बच्चे भी हैं. कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, शादी के समय माता प्रसाद 10वीं तक पढ़े थे और प्लंबर मजदूरी का काम करते थे. पत्नी ममता ने स्कूली पढ़ाई पूरी कर ली थी.

माता प्रसाद का कहना है कि ममता आगे पढ़ना चाहती थी. उन्होंने मजदूरी करके पत्नी को आगे पढ़ाया. ममता ने BA, MA और B.Ed की पढ़ाई की. इसके बाद पति ने उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई.

सरकारी नौकरी लगने के बाद बदला व्यवहार

प्रार्थना पत्र में माता प्रसाद ने आरोप लगाया है कि पढ़ाई पूरी होने के बाद पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा. परिवार के लोगों से आए दिन झगड़ा और मारपीट करने लगीं. पति के मुताबिक, वर्ष 2020 से पत्नी परिवार से अलग रहने लगीं.

इसके बाद वर्ष 2022 में ममता की आबकारी विभाग, प्रयागराज में महिला पुलिस कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति हो गई. पति का आरोप है कि नौकरी लगने के बाद पत्नी उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगीं और उसकी मजदूरी व कमाई को लेकर उसे नीचा दिखाती थीं. आरोप है कि कई-कई दिनों तक बिना बताए घर से बाहर रहती थीं.

पति ने लगाए धमकी देने के आरोप

माता प्रसाद ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि पत्नी से बाहर रहने का कारण पूछने पर झगड़ा, गाली-गलौज और मारपीट करती थीं. प्रार्थना पत्र में पत्नी की ओर से पति को मजदूर कहकर अपमानित करने का आरोप भी लगाया गया है.

पति का आरोप है कि पत्नी उसके माता-पिता और दूसरे परिजनों के साथ भी अभद्र व्यवहार करती थीं. जब उसने इसकी शिकायत अपने ससुर नखड़ू यादव और साले आशीष यादव से की तो उन्होंने भी उसे गाली दी.

48 हजार रुपये और गहने ले जाने का आरोप

माता प्रसाद ने आरोप लगाया कि 8 जनवरी 2024 को पत्नी बिना किसी उचित कारण के घर की अलमारी में रखे 48 हजार रुपये, 10 ग्राम की सोने की चेन, सोने की एक अंगूठी और कलाई घड़ी अपने भाई आशीष यादव के साथ लेकर चली गईं.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वह अपने बच्चों से मिलने की कोशिश करते हैं तो पत्नी बच्चों से मिलने नहीं देतीं. झूठे आपराधिक मुकदमे में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी भी दी गई. पति ने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी सरकारी कर्मचारी होने के कारण अपने पद का इस्तेमाल कर उसे और उसके परिजनों को पुलिस के जरिए परेशान कर रही थीं.

थाने में सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचे

माता प्रसाद के मुताबिक, उन्होंने पहले शिवपुर थाने में शिकायत की, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता के जरिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया. इसमें पत्नी ममता यादव, ससुर नखड़ू यादव और दोनों भाइयों आशीष यादव व सतीश यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई.

प्रार्थना पत्र के आधार पर कोर्ट ने BNS की धारा 173(4) के तहत चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया. इसके बाद शिवपुर थाने में 21 सितंबर को ममता यादव, नखड़ू यादव, आशीष यादव और सतीश यादव के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई.

हालांकि, इस मामले में शिवपुर थाना प्रभारी अजीत वर्मा और मुकदमे के विवेचक अनुराग कुशवाहा से पूछे जाने पर उन्होंने मामले की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई. पति माता प्रसाद यादव ने भी इस पूरे मामले पर कुछ कहने से इनकार कर दिया.