उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के सदर कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र स्थित भगठान (गोसाईंपुर) गांव में हुई 35 वर्षीय पहलवान ब्रह्मानंद यादव की निर्मम हत्या के बाद पूरा इलाका गमगीन है. बुधवार को जब पहलवान का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए बिडहर घाट ले जाया जा रहा था, तो परिजनों और स्थानीय लोगों की आंखें नम थीं. अखाड़े में अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाले ब्रह्मानंद यादव की इस तरह गांव की सड़क पर हुई हत्या ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. आखिर कौन थे पहलवान ब्रह्मानंद यादव, क्या थी उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और क्यों पाटीदारों ने रंजिश में उनकी जान ले ली? जानिए इस रिपोर्ट में.
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चार भाइयों में सबसे छोटे थे ब्रह्मानंद, खेती और पशुपालन से जुड़ा है परिवार
संतकबीरनगर की माटी के लाल ब्रह्मानंद यादव क्षेत्र के बेहद नामचीन पहलवान थे. वे 'जिला केसरी' और 'ब्लॉक केसरी' का खिताब अपने नाम कर चुके थे. अखाड़े के अलावा उनका पूरा परिवार खेती-बारी और पशुपालन से जुड़ा हुआ है. ब्रह्मानंद अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे. पूरा परिवार एक साथ मिलकर एक संगठित परिवार की तरह रहता था.
पीछे छोड़ गए मासूम बच्चे
ब्रह्मानंद पहलवान की शादी करीब 8 साल पहले हुई थी. वे अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण पीड़ित परिवार व बच्चों के लिए उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
2022 के प्रधानी चुनाव से शुरू हुई थी रंजिश की आग
पहलवान ब्रह्मानंद के पड़ोसी प्रमोद यादव और परिजनों के मुताबिक, इस खूनी वारदात की जड़ें साल 2022 के पंचायत चुनाव से जुड़ी हैं.
भाभी की जीत बनी रंजिश का कारण: 2022 में हुए प्रधानी चुनाव में पहलवान ब्रह्मानंद की भाभी चुनाव मैदान में उतरी थीं और उन्होंने जीत दर्ज की थी.
पाटीदारों से बढ़ा विवाद: इस चुनावी हार से उनके पाटीदार राजेश यादव, सुरेंद्र यादव, करिया यादव और उनका परिवार काफी आहत था. चुनाव के बाद दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी, जिसको लेकर सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था.
18 मई का झगड़ा: इसी साल 18 मई को भी पाटीदारों के साथ आपस में विवाद हुआ था, जिसका केस अदालत में विचाराधीन था. इसी चुनावी हार और पाटीदारी की रंजिश के चलते आरोपी घात लगाकर मौके की तलाश में थे.
आंखों में मिर्च पाउडर, टांगी-कुल्हाड़ी से हमला और गोलियां
मंगलवार को जब पहलवान ब्रह्मानंद अपने जानवरों के लिए चोकर और दाना लेने घर से निकले, तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दबंगों ने हमला कर दिया.
मिर्च फेंककर गिराया: चश्मदीद भाई के मुताबिक, जैसे ही ब्रह्मानंद रास्ते से गुजरे, हमलावरों ने उनकी आंखों में पिसी मिर्च फेंक दी. मिर्ची पड़ते ही वे असंतुलित होकर बाइक से गिर पड़े.
ताबड़तोड़ वार: बाइक से गिरते ही नामजद आरोपियों राजेश, बलिराम, अजय, करिया, अभिमन्यु, मानसिंह, छठीर और 7-8 अन्य अज्ञात हमलावरों ने टांगी, कुल्हाड़ी और धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए.
फायरिंग और खौफ: हमलावरों ने गोलियां भी चलाईं, जिससे ब्रह्मानंद सड़क पर ही तड़पने लगे. जब उनके भाई बचाने दौड़े तो हमलावरों ने उन पर भी फायरिंग कर दी, जिसके बाद भाई ने दूर से ही अपने मोबाइल में इस पूरी वारदात का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया.
घंटों सड़क पर तड़पते रहे: घटना के बाद हमलावर काफी देर तक लाठी-डंडों के साथ मौके पर डटे रहे, जिससे परिजन पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके. बाद में 112 नंबर पुलिस की गाड़ी से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
SP ने बनाईं 3 टीमें
पहलवान की मौत की खबर फैलते ही उग्र ग्रामीणों और परिजनों ने खलीलाबाद बाईपास पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया. मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवाया. संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप कुमार मीणा ने बताया कि चुनावी रंजिश और पाटीदारों के आपसी विवाद में यह वारदात हुई है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ संदिग्धों को कस्टडी में लिया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 3 विशेष टीमें गठित की गई हैं. परिजनों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले.
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