वाराणसी में ATS का बड़ा एक्शन, 30 लाख के इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू का किया एनकाउंटर; NIA भी कर रही थी तलाश

यूपी तक

• 11:37 AM • 20 Sep 2026

वाराणसी में रविवार सुबह यूपी ATS और 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर के बीच मुठभेड़ हो गई.रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान के पास हुई इस कार्रवाई में बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को गोली लगी.

Varanasi Brijesh Ganjhu Encounter News

Varanasi Brijesh Ganjhu Encounter News

Google CTA

Varanasi Brijesh Ganjhu Encounter News: वाराणसी में रविवार सुबह यूपी ATS और 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर के बीच मुठभेड़ हो गई.रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान के पास हुई इस कार्रवाई में बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को गोली लगी. पुलिस टीम उसे अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.पुलिस के मुताबिक बृजेश प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का कमांडर था.उस पर झारखंड सरकार और NIA की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था.

यह भी पढ़ें...

मुगलसराय जा रहा था नक्सली कमांडर

पुलिस मुख्यालय के अनुसार रविवार तड़के ATS को सूचना मिली कि बृजेश गंझू वाराणसी में मौजूद है और अपने एक साथी के साथ बाइक से टेंगरा मोड़ की ओर से रामनगर होते हुए मुगलसराय की तरफ जा रहा है.मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर यूपी ATS और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके में घेराबंदी की.पुलिस के मुताबिक टीम ने बाइक सवार बृजेश को रोककर गिरफ्तार करने की कोशिश की.आरोप है कि उसने रुकने के बजाय बाइक से छलांग लगाई और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी.इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की.

क्रॉस फायरिंग में लगी गोली

पुलिस और नक्सली कमांडर के बीच हुई फायरिंग में बृजेश गंझू को गोली लग गई.घायल होने के बाद पुलिसकर्मी उसे तत्काल अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.इस मुठभेड़ के दौरान यूपी ATS के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कॉन्स्टेबल नितेंद्र कृष्ण भी फायरिंग की चपेट में आए.पुलिस के मुताबिक, बृजेश की ओर से चलाई गई गोलियां दोनों पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं.हालांकि दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित बताए गए हैं.घटना के बाद टीम ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू किए.

कौन था बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता?

पुलिस के अनुसार बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला था.वह झारखंड में सक्रिय प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी यानी TPC का कमांडर था.सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह लंबे समय से वांछित बताया जा रहा था.रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने भी उसे कई मामलों में वांटेड घोषित किया था.उसके खिलाफ एजेंसियों की कार्रवाई और तलाश पहले से चल रही थी.

NIA ने रखा था 5 लाख का इनाम

बृजेश गंझू पर घोषित इनाम दो एजेंसियों की ओर से था.पुलिस के मुताबिक, झारखंड सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA की ओर से उस पर 5 लाख रुपये का इनाम था.इस तरह बृजेश के ऊपर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था.इसी वजह से उसकी तलाश सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण थी.वाराणसी में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद यूपी ATS और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की.

बाइक पर उसके साथ कौन था?

मुठभेड़ के समय बृजेश गंझू अकेला नहीं था.पुलिस के मुताबिक, वह एक अन्य व्यक्ति के साथ बाइक से सफर कर रहा था.मुठभेड़ के बाद उसके साथ मौजूद व्यक्ति की भूमिका और उसकी स्थिति को लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है.सामने आई रिपोर्टों में उसके साथी के मौके से फरार होने की बात भी कही गई है.हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में जांच जारी है.टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बृजेश के साथ मौजूद व्यक्ति कौन था और उसका नक्सली कमांडर से क्या संबंध था.

वाराणसी किस मकसद से पहुंचा था?

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया है.टीम फायरिंग के दौरान इस्तेमाल हथियारों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है.पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बृजेश गंझू वाराणसी कब आया था और यहां पहुंचने के पीछे उसका क्या मकसद था.घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फायरिंग की परिस्थितियों और उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी को खंगाला जा रहा है.फिलहाल पुलिस मुठभेड़ के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उसके साथी की भूमिका समेत पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.