Azamgarh Murder Case: आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान हुई पांच मौतों के मामले ने पूरे इलाके को हिला दिया है. आरोप है कि अरविंद सिंह ने महामृत्युंजय जाप के बीच अपनी पत्नी बबीता सिंह और दो पुरोहितों को गोली मार दी. इसके बाद उसने तीन बच्चों को बंधक बना लिया. पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन और जवाबी फायरिंग में अरविंद की मौत हो गई, जबकि घायल बेटे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. अब अरविंद की मां श्यामबला देवी ने यूपी Tak से बातचीत में घटना और परिवार के पुराने विवादों को लेकर अहम बातें बताई हैं.
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अरविंद के लिए कराया जा रहा था महामृत्युंजय जाप
श्यामबला देवी के मुताबिक अरविंद के लिए ही उसकी पत्नी बबीता तीन पुरोहितों के साथ पिछले तीन दिनों से घर में महामृत्युंजय जाप करा रही थी. मां ने बताया कि घटना वाले दिन शाम करीब 5:30 बजे अरविंद घर पहुंचा. उन्होंने कहा 'मेरे बेटे के लिए ही घर में जाप कराया जा रहा था.' इसके बाद अरविंद ने पूजा करा रहे पुरोहितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया. देखते ही देखते यह बात विवाद में बदल गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया.
बबीता ने पुरोहितों के अपमान का विरोध किया
मां के अनुसार पुरोहितों से आधार कार्ड मांगने और उनके कथित अपमान का बबीता ने विरोध किया. इसी बात से अरविंद नाराज हो गया. श्यामबला देवी के बयान के मुताबिक अरविंद ने पहले पत्नी बबीता को गोली मारी. इसके बाद भाग रहे तीन पुरोहितों में से दो पर फायरिंग कर दी, जिससे दोनों की मौत हो गई. तीसरा पुरोहित जान बचाकर भाग निकला. मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक भी शामिल थे. मां ने बताया कि विवाद के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला.
तीन बच्चों को कमरे में बनाया बंधक
घटना के बाद अरविंद अपने 3 बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया. उसके पास तीन लाइसेंसी हथियार और दर्जनों कारतूस होने की बात सामने आई. बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. दरवाजा तोड़ने के दौरान अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान पुलिस की प्राथमिकता बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना थी.
घायल बेटे ने भी दम तोड़ा
पुलिस की फायरिंग में अरविंद घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई. रेस्क्यू ऑपरेशन में घायल उसके आठ साल के बेटे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी जान चली गई. इस तरह अरविंद, बबीता, दो पुरोहितों और एक बेटे समेत कुल पांच लोगों की मौत हो चुकी है. वारदात के बाद इलाके में दहशत है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. घटना के बाद गांव में लोगों के बीच इसी वारदात की चर्चा बनी हुई है.
भाई की हत्या के बाद परेशान था अरविंद
श्यामबला देवी ने बताया कि 12 अक्टूबर 2018 को अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या हुई थी. मां के अनुसार, इसके बाद से अरविंद काफी परेशान रहने लगा था. उन्होंने कहा, 'भाई की हत्या के बाद से अरविंद की जिंदगी पर इसका गहरा असर पड़ा था.' सुनील की हत्या का मामला अभी कोर्ट में लंबित है. परिवार के इस पुराने विवाद को घटना की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पूरी वजह की जांच पुलिस कर रही है.
पुराने केस और रिवाल्वर का कनेक्शन
मां के मुताबिक साल 2015 में बबीता ने पड़ोस के दो लोगों के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज कराया था. दोनों आरोपियों को 20-20 साल की सजा हुई थी. श्यामबला देवी ने बताया कि केस की सुनवाई से ठीक पहले सुनील सिंह की हत्या हुई थी. जिस रिवाल्वर से अरविंद ने कथित तौर पर हत्याएं कीं, वह उसके दिवंगत भाई सुनील सिंह की थी, जो बाद में अरविंद को ट्रांसफर हुई. पुलिस जांच जारी है और गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है.
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