Varanasi Crime News: वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के एक बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर 20 साल की नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा हुआ है. बॉयज हॉस्टल में जिस लड़की की बॉडी मिली थी उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है. इस रिपोर्ट ने अब तक कि लगाई जा रही सभी अटकलों को पूरी तरह से पलट दिया है.
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पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की एडीसीपी वरुणा लिपि नगायच के मुताबिक, छात्रा की मौत की वजह कोई गर्भनिरोधक दवा या अबॉर्शन नहीं था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि पेनिट्रेशन के कारण छात्रा की वेजाइनल वॉल अंदर से बुरी तरह फट गई थी. इसके बाद अधिक ब्लीडिंग होने से शरीर सदमे में यानी हेमोरजिक शॉक में चला गया और उसकी तड़पकर जान चली गई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खत्म हुई अबॉर्शन वाली बात
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर यह आशंका जताई जा रही थी कि मृतका प्रेग्नेंट थी और उसके बॉयफ्रेंड समीर ने बदनामी के डर से उसे अबॉर्शन की हैवी दवा खिला दी थी जिससे यूटेरस में समस्या हुई और ब्लीडिंग से मौत हो गई. लेकिन अब डॉक्टरों के पैनल द्वारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
बता दें कि इस घटना के बाद मृतिका के सिपाही पिता और परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने शुरुआत में सुसंगत धाराओं में मर्डर का मुकदमा पंजीकृत किया था जिसमें मोहम्मद समीर नाम का युवक नामजद था. लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अवलोकन के बाद पुलिस ने केस की दिशा बदल दी है. केस से हत्या की मूल धारा को हटा दिया गया है, पोस्टमार्टम में पेनिट्रेशन से आई घातक चोटों की पुष्टि होने के बाद आरोपी समीर के खिलाफ रेप की धारा जोड़ी गई है. तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि आरोपी मोहम्मद समीर ने वारदात के बाद मृतका का मोबाइल फोन इस नीयत से छुपा दिया था ताकि वह पुलिस के हाथ न लग सके और चैट या कॉल डिटेल्स मिटाई जा सकें.
आरोपी समीर से रिमांड पर पूछताछ की तैयारी
नर्सिंग कॉलेज का छात्र और मुख्य आरोपी मोहम्मद समीर पहले से ही पुलिस की हिरासत में है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अब समीर के खिलाफ वैज्ञानिक और दस्तावेजी सबूत बेहद मजबूत हो गए हैं.
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