Sitapur News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एटीसी कमांडेंट के सरकारी बंगले में काम करने वाले कर्मचारी शैलेन्द्र पाल की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि शैलेन्द्र को चोरी के झूठे आरोपों में फंसाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. परिजनों का कहना है कि शैलेन्द्र को लगातार डराया-धमकाया जा रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सैलरी रोक दी गई थी और उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं. परिवार के मुताबिक, शैलेन्द्र ने कई बार इस कथित उत्पीड़न की शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.
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परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
शैलेन्द्र की पत्नी का आरोप है कि लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना के कारण उनके पति टूट गए थे. उन्होंने कहा कि शैलेन्द्र के पास कोई रास्ता नहीं बचा था, जिसके बाद उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म कर ली.
मृतक के परिवार और ग्रामीणों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन मामले में आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहा है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा.
थाने के बाहर प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग
शैलेन्द्र की मौत के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया. बड़ी संख्या में ग्रामीणों और परिजनों ने थाने के बाहर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मामले में हत्या, अवैध हिरासत और मारपीट जैसे आरोपों की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए. लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो.
सांसद और स्थानीय नेताओं ने उठाई आवाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है. नेताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो.
पुलिस ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. परिवार का कहना है कि अगर समय रहते उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो शायद यह स्थिति नहीं आती.
फिलहाल इस मामले ने कार्यस्थल पर कर्मचारियों के अधिकारों, मानसिक उत्पीड़न और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.
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