UP News: उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सरकार ने कई योजनाओं पर काम किया है. महोबा जिले में जहां पहले किसानों को प्रति बीघा खेती से करीब 5 हजार रुपये की आमदनी होती थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 50 हजार रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है. खेती की लागत कम करने के लिए किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. इसके अलावा सिंचाई सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है. सरकार के अनुसार, 24 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त भूमि को सिंचाई के दायरे में लाया गया है. अर्जुन सहायक और बाणसागर जैसी परियोजनाओं से कई क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की सुविधा भी बेहतर हुई है.
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सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे खेती की निरंतरता बनी हुई है. साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत किसानों को उनकी उपज का लागत से डेढ़ गुना तक मूल्य देने का प्रावधान किया गया है. गन्ना किसानों के संदर्भ में भी सरकार ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले किसानों का भुगतान लंबे समय तक बकाया रहता था, जबकि पिछले नौ वर्षों में 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गन्ना मूल्य राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई है. इसके अलावा सरकारी खरीद व्यवस्था को मजबूत कर बिचौलियों की भूमिका कम करने का भी दावा किया गया है.
कृषि के साथ-साथ सरकार ने एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को भी रोजगार और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया है. प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के संचालन का दावा किया गया है. इन इकाइयों को सामाजिक सुरक्षा के तहत 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है. सरकार का कहना है कि तकनीकी उन्नयन, बाजार से बेहतर जुड़ाव और विभिन्न योजनाओं के जरिए किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं.
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