Jauhar University: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. लंबे समय से जेल में बंद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट 'मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी' पर अब प्रशासन का बुलडोजर चलने की तैयारी है. रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया है. इस आदेश के अमल में आने के बाद समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर विरोध करना शुरू कर दिया है. वहीं, जिला प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई को सही ठहराया है.
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भवनों पर चलेगा सरकारी बुलडोजर
रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को बिना स्वीकृति के बनाए जाने के कारण अवैध माना है. प्रशासन ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को 15 से 30 दिन का समय दिया है कि वे खुद इन अवैध निर्माणों को हटा लें. अगर इस तय समय में निर्माण नहीं हटाए गए, तो प्राधिकरण खुद बुलडोजर चलाकर इन्हें ध्वस्त कर देगा. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की जा रही है. दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर इस फैसले का कड़ा विरोध हो रहा है और लोग इसे राजनीतिक दुश्मनी के तहत की गई कार्रवाई बता रहे हैं.
नक्शा पास न होने का आरोप
इस पूरे मामले पर रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि 2024 से पहले यह पूरा क्षेत्र जिला पंचायत के अधीन आता था. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुल 40 भवनों में से केवल दो भवनों का नक्शा जिला पंचायत से पास कराया था. इससे साफ होता है कि उन्हें नक्शा पास कराने के नियमों और कानून की पूरी जानकारी थी. इसके बावजूद बाकी के 38 भवनों के निर्माण के लिए जिला पंचायत से कोई स्वीकृति नहीं ली गई. इसी आधार पर इन सभी 38 भवनों को अवैध मानकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया है.
आम जनता के लिए खुला रास्ता
यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे इस विवाद के बीच एक और बड़ा बदलाव हुआ है. लगभग 9 साल के लंबे इंतजार के बाद जौहर यूनिवर्सिटी का मुख्य प्रवेश द्वार अब आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. जिला प्रशासन ने गेट के बाहर 'यह आम रास्ता है' का बोर्ड भी लगा दिया है. दरअसल, आरोप था कि विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के दायरे में लोक निर्माण विभाग (PWD) की 3.5 किलोमीटर लंबी सार्वजनिक सड़क को शामिल कर लिया गया था. आपको बता दें कि आजम खान इस समय जेल में बंद हैं. उन्हें 23 सितंबर को जमानत मिलने के बाद 55 दिनों की राहत जरूर मिली थी, लेकिन नवंबर 2025 में पैन कार्ड से जुड़े एक मामले में उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया था.
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