Sonam Wangchuk Hunger Strike: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल गुरुवार (16 जुलाई) को 19वें दिन में प्रवेश कर गई है. लगातार उपवास के कारण उनका वजन करीब 8.9 किलोग्राम कम हो चुका है, हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल उनकी मेडिकल स्थिति स्थिर है. डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है और नियमित जांच की जा रही है.
ADVERTISEMENT
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण कमजोरी आना स्वाभाविक है. डॉक्टरों ने बताया कि वजन कम होना चिंता का विषय है, लेकिन अभी तक उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानक (वाइटल्स) सामान्य हैं.
ECG समेत कई मेडिकल टेस्ट हुए
डॉक्टरों ने बताया कि सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर करीब 110/70, पल्स रेट लगभग 71 और ऑक्सीजन लेवल 96-97 प्रतिशत के बीच है. इसके अलावा उनका ECG भी किया गया, जिसकी रिपोर्ट सामान्य आई है. डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उनका दिल और मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक है.
हालांकि, डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से शरीर में कमजोरी आना स्वाभाविक है. कैलोरी नहीं मिलने के कारण मांसपेशियों को ऊर्जा नहीं मिल पा रही है, जिसकी वजह से उनकी मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं और चलने-फिरने में परेशानी हो रही है.
वांगचुक बोले- संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ
भूख हड़ताल के 18वें दिन जारी अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि उनका शरीर कमजोर हो रहा है, लेकिन उनका हौसला अभी भी मजबूत है. उन्होंने कहा कि उनका दिल और दिमाग पूरी तरह स्वस्थ है और उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि कुछ दिनों में कोई बड़ा खतरा हो जाए.
उन्होंने कहा कि लगातार मेडिकल टेस्ट हो रहे हैं और उनकी रिपोर्ट सामान्य आ रही है. वांगचुक ने लोगों से अपील की कि केवल उन्हें अनशन तोड़ने के लिए कहने के बजाय उनके मुद्दे को आगे बढ़ाने में सहयोग करें.
20 जुलाई को बड़ी संख्या में लोगों से पहुंचने की अपील
सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे 20 जुलाई को बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि इस दिन स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र लोकतंत्र की प्रक्रिया को समझने के लिए इसे एक अनुभवात्मक शिक्षा दिवस के रूप में देख सकते हैं.
उन्होंने लोगों से मिस्ड कॉल और रजिस्ट्रेशन के जरिए अपनी भागीदारी दर्ज कराने की अपील भी की है. वांगचुक का कहना है कि उनका उद्देश्य युवाओं और आम लोगों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से आगे पहुंचाना है.
डॉक्टर बोले- आत्मविश्वास से भरे हैं सोनम वांगचुक
डॉक्टरों के अनुसार, शारीरिक कमजोरी के बावजूद सोनम वांगचुक का आत्मविश्वास काफी मजबूत है. वह लगातार अपने आंदोलन को लेकर सक्रिय हैं और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहे हैं. फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी 24 घंटे निगरानी कर रही है ताकि स्वास्थ्य में किसी भी बदलाव पर तुरंत कदम उठाया जा सके.
ADVERTISEMENT










