शादी के सिर्फ 5 महीने बाद गायब हुई हिमांशी कश्यप! CCTV फुटेज के बाद हत्या और शव छिपाने के आरोपों से मचा हड़कंप

यूपी तक

• 09:10 AM • 15 Jul 2026

Himanshi Kashyap Case: लखनऊ की हिमांशी कश्यप के कथित दहेज हत्या मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है. परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है.

Google CTA

Himanshi Kashyap Case: लखनऊ के चर्चित हिमांशी कश्यप मामले में दहेज हत्या के आरोपों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. सीतापुर निवासी पवन कुमार कश्यप की बेटी हिमांशी कश्यप की शादी 13 फरवरी 2026 को अटरिया के बिरसिंहपुर निवासी प्रदीप गौर से हुई थी. परिवार के मुताबिक, शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही महीनों बाद हिमांशी को ससुराल में प्रताड़ित किया जाने लगा. परिजनों का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया गया. हिमांशी की मां लगातार इंसाफ की गुहार लगा रही हैं, जबकि पुलिस अभी तक युवती और उसके शव की तलाश में जुटी हुई है. इस संवेदनशील मामले ने दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

यह भी देखें...

परिजनों का दावा है कि हिमांशी कई बार फोन कर उन्हें बचाने की गुहार लगाती थी. जब पिता पुलिस के साथ ससुराल पहुंचे तो घर पर ताला लगा मिला और परिवार के सदस्य फरार थे. जांच के दौरान पुलिस ने घर से CCTV का DVR कब्जे में लिया, जिसमें कथित तौर पर हिंसा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने की बात सामने आई है. आरोप है कि फुटेज में कुछ लोग हिमांशी के साथ मारपीट करते और बाद में एक कार में कुछ संदिग्ध सामान या शव जैसी वस्तु ले जाते दिखाई दे रहे हैं. इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पति समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है.

हालांकि पुलिस का कहना है कि जब तक हिमांशी का शव बरामद नहीं होता, तब तक हत्या की पुष्टि करना कानूनी रूप से संभव नहीं है. इसी वजह से पुलिस कई टीमों का गठन कर हर संभावित स्थान पर तलाश अभियान चला रही है. जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही हैं. वहीं, हिमांशी की मां न्याय की मांग करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और बेटी के साथ हुई घटना का सच सामने लाने की अपील कर रही हैं. इस मामले ने न केवल पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि विवाह के बाद महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दहेज जैसी कुप्रथाओं पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है.