UP News: प्रिया सरोज जौनपुर से पहली बार सांसद बनी हैं और अपनी अलग राजनीतिक शैली के चलते लगातार सुर्खियों में रहती हैं. हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह धान की रोपाई कर रहीं महिलाओं से बातचीत करती नजर आईं. इस वीडियो को एक खास एंगल से शूट किए जाने के कारण सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल भी किया गया. प्रिया सरोज अंग्रेजी और भोजपुरी दोनों भाषाओं में सहजता से संवाद करती हैं और सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता व रील्स भी अक्सर चर्चा और आलोचना का विषय बनती रहती हैं. हालांकि इस विवाद के बावजूद उनकी लोकप्रियता में कोई खास कमी नहीं आई है और वे अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय बनी हुई हैं.
ADVERTISEMENT
प्रिया सरोज का राजनीतिक सफर उनके परिवार की मजबूत सियासी विरासत से भी जुड़ा है. उनके पिता तूफानी सरोज पूर्वांचल की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं और इलाके में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनावों में भी उनका परिवार अहम भूमिका निभा सकता है. समाजवादी पार्टी के भीतर प्रिया सरोज की सक्रियता और पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंध भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. वहीं, बनारस में डिंपल यादव के परिवार के साथ उनके करीबी रिश्तों को भी राजनीतिक गलियारों में महत्वपूर्ण माना जाता है.
प्रिया सरोज की पहचान केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन से जुड़े लोगों के बीच भी सक्रिय नेता के रूप में देखा जाता है. उनके समर्थकों का कहना है कि उनका जनसंपर्क और राजनीतिक करिश्मा उनकी सबसे बड़ी ताकत है. हालांकि, विरोधी अक्सर उन पर सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय रहने और जमीनी राजनीति से दूर होने के आरोप लगाते हैं. इसके बावजूद पूर्वांचल की राजनीति में उनकी मौजूदगी लगातार मजबूत होती दिख रही है और राजनीतिक, सामाजिक व मीडिया तीनों ही क्षेत्रों में उनकी छवि चर्चा का विषय बनी हुई है.
ADVERTISEMENT










