UP TGT Mains Exam: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक (TGT) मुख्य परीक्षा 2025 का आयोजन आज किया जा रहा है. परीक्षा को लेकर प्रदेशभर के केंद्रों पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे. परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं. अभ्यर्थियों को कड़ी जांच प्रक्रिया के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया.
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परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई. प्रशासन की ओर से नकल विहीन और पारदर्शी परीक्षा कराने के दावे किए गए हैं.
अभ्यर्थियों ने कहा- पेपर लीक से बर्बाद हो जाता है करियर
परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. उनका कहना है कि एक बार परीक्षा रद्द होने या पेपर लीक होने के बाद कई सालों की मेहनत खराब हो जाती है.
एक अभ्यर्थी ने कहा कि पेपर लीक होने के बाद दो से चार साल तक की तैयारी प्रभावित हो जाती है. दोबारा पढ़ाई शुरू करने का मन नहीं करता और करियर पर भी इसका बड़ा असर पड़ता है. उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जाएं, जिससे मेहनत करने वाले छात्रों को सही मौका मिल सके.
अलीगढ़, भरतपुर, अमेठी और आजमगढ़ से पहुंचे परीक्षार्थी
TGT परीक्षा देने के लिए अलग-अलग जिलों और राज्यों से अभ्यर्थी पहुंचे. अलीगढ़ से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी है और अब उम्मीद है कि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष रहेगी. उन्होंने कहा कि सरकार की असली परीक्षा रिजल्ट आने के बाद ही होगी. वहीं, राजस्थान के भरतपुर से आए अभ्यर्थी ने भी सरकार से अपील की कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से कराई जाएं और किसी भी तरह की नकल या गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए.
अमेठी से आए अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार को ज्यादा से ज्यादा भर्तियां निकालनी चाहिए और परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से पूरा कराना चाहिए, क्योंकि लगातार पेपर लीक की खबरों से छात्रों का भरोसा प्रभावित होता है.
नकल से छात्रों का मनोबल होता है कमजोर
आजमगढ़ से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि स्कूलों और परीक्षाओं में होने वाली नकल से ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल टूटता है. उन्होंने कहा कि अगर पेपर कठिन भी होगा तो छात्र मेहनत करके उसे पास करने की कोशिश करेंगे, लेकिन जब नकल या गड़बड़ी होती है तो मेहनत करने वाले छात्रों के लिए स्थिति मुश्किल हो जाती है. उन्होंने सरकार से अपील की कि परीक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाया जाए कि किसी भी तरह की नकल की गुंजाइश न रहे.
अभ्यर्थियों की मांग- रोजगार के अवसर बढ़ें और परीक्षा व्यवस्था मजबूत हो
अभ्यर्थियों ने रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग की. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए छात्रों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. कई बार नौकरी करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए दो-दो दिन की छुट्टी लेनी पड़ती है.
ऐसे में अगर बाद में पेपर लीक या परीक्षा रद्द होने जैसी स्थिति आती है तो समय, पैसा और मेहनत तीनों का नुकसान होता है. एक महिला अभ्यर्थी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता है और दोबारा तैयारी करने में काफी समय लग जाता है.
कड़ी जांच के बाद मिली परीक्षा केंद्रों में एंट्री
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों की पूरी जांच की गई. कैमरा निगरानी के बीच प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई. एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने दिया गया. अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा बिना किसी बाधा और गड़बड़ी के संपन्न होगी और मेहनत करने वाले उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा.
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