सहारनपुर में मंदिर बंद कर सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, पुजारी Vs भीम आर्मी का ये विवाद चौंका देगा

राहुल कुमार

26 May 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 11:57 AM)

Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मंदिर के एक पुजारी पर एससी-एसटी (SC/ST) और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद ब्राह्मण समाज का गुस्सा फूट पड़ा है.

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Saharanpur Community Controversy News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मंदिर के एक पुजारी पर एससी-एसटी (SC/ST) और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद ब्राह्मण समाज का गुस्सा फूट पड़ा है. इस घटना को लेकर जनपद में भीम आर्मी और ब्राह्मण समाज के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है. मामले से आक्रोशित ब्राह्मण समाज के लोग बड़ी संख्या में पुलिस लाइन पहुंचे और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया. UP Tak से बातचीत के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने साफ तौर पर कहा कि ब्राह्मण कभी अपनी मर्जी से पुलिस लाइन नहीं आता, लेकिन जब देश के कानून का दुरुपयोग करके मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले निर्दोष पुजारियों को झूठे मुकदमों में फंसाया जाएगा, तो समाज को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना ही पड़ेगा.

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बिना जांच के मुकदमे पर उठे सवाल

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शुक्ला पुरी मंदिर के पुजारी पर लगाया गया एससी-एसटी और पोक्सो एक्ट का यह मामला पूरी तरह से फर्जी है. समाज के लोगों का कहना है कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने बिना किसी जांच-पड़ताल के सिर्फ भीम आर्मी के दबाव में आकर सीधे पुजारी पर इतनी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मामले में कोई सच्चाई थी, तो पहले उसकी निष्पक्षता से जांच की जानी चाहिए थी, न कि आनन-फानन में केस दर्ज करना चाहिए था. इस संबंध में पीड़ित पक्ष के लोग एसएसपी से भी मिले. एसएसपी से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मामले की गहराई से जांच करने और पूरी तरह से निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.

माहौल बिगड़ने की खुली चेतावनी

इस पूरे विवाद के बीच ब्राह्मण समाज ने भीम आर्मी के खिलाफ बेहद तीखे तेवर अपनाए हैं. उन्होंने कहा कि  जिस तरीके से भीम आर्मी के लोग अन्य समाज पर थानों में जाकर मुकदमे करवाने का काम करते हैं इसे बंद करें नहीं तो इलाज अच्छे से किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि भीम आर्मी के लोग यह अच्छी तरह सोच लें कि वे जिस भाषा में बात समझना चाहेंगे, हम लोग उन्हें उसी भाषा में जवाब देने का काम करेगा.

मंदिरों में ताला लगाने की नौबत

उन्होंने आगे कहा कि जब पंडितों पर ब्राह्मण पर फर्जी तरीके से मुकदमे लगाए जाएंगे तो फिर मंदिरों पर तो तले लगेंगे ही, सभी जो भी एससी एसटी एक्ट से पीड़ित है वह सभी सड़कों पर आए और इस नीले गमछे वालों का इलाज करने का काम करें.