Saharanpur News: सहारनपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, मुस्लिम कारीगर तैयार कर रहे कांवड़ियों की ड्रेस

Newzo

• 04:55 PM • 20 Jul 2026

Saharanpur Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के बीच सहारनपुर से गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है. यहां मुस्लिम कारीगर पूरी श्रद्धा और मेहनत से शिवभक्तों के लिए 'महादेव' और 'महाकाल' प्रिंट वाली ड्रेस तैयार कर रहे हैं. यह पहल न केवल रोज़गार, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी सम्मान और सामाजिक सौहार्द का भी मजबूत संदेश दे रही है.

सहारनपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, मुस्लिम कारीगर तैयार कर रहे कांवड़ियों की ड्रेस

सहारनपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, मुस्लिम कारीगर तैयार कर रहे कांवड़ियों की ड्रेस

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Saharanpur Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के बीच सहारनपुर से सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है. शहर के मोहल्ला शाहमदार में मुस्लिम कारीगर बड़ी मेहनत से कांवड़ यात्रियों के लिए टी-शर्ट, बच्चों के सूट, निकर और अन्य परिधान तैयार कर रहे हैं. इन ड्रेसों पर 'महादेव', 'महाकाल' जैसे धार्मिक शब्द और आकर्षक डिज़ाइन उकेरे जा रहे हैं. यहां तैयार होने वाले परिधानों की सप्लाई उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा दिल्ली और हरियाणा तक की जा रही है.

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कारीगर मोहम्मद आसकार ने बताया कि वह पिछले 8-9 वर्षों से कांवड़ यात्रियों के लिए ड्रेस तैयार कर रहे हैं. इस वर्ष अब तक करीब 20 हजार ड्रेस तैयार कर विभिन्न बाजारों में भेजी जा चुकी हैं.

 उन्होंने कहा कि यह काम उनके लिए केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक भी है. उनके अनुसार, काम के दौरान कभी किसी प्रकार का भेदभाव या विरोध का सामना नहीं करना पड़ा और सभी लोग मिल-जुलकर कार्य करते हैं.

वहीं, होजरी कारोबारी फरमान अहमद ने बताया कि उनकी यूनिट में भी सभी कारीगर मुस्लिम हैं और पिछले 8 से 10 वर्षों से कांवड़ यात्रा के लिए ड्रेस तैयार की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि पहले भगवा रंग की ड्रेस की अधिक मांग रहती थी, लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों में ब्लैक कलर की 'महाकाल' टी-शर्ट और ड्रेस की मांग तेजी से बढ़ी है. बच्चों के लिए भी महाकाल प्रिंट वाले सूट और ब्लैक निकर बड़ी संख्या में तैयार किए जा रहे हैं.

फरमान अहमद ने कहा कि उनके यहां इस काम को लेकर आज तक किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई. उनका मानना है कि मेहनत, ईमानदारी और आपसी सम्मान ही सबसे बड़ी पहचान है.

सहारनपुर की यह तस्वीर एक बार फिर साबित करती है कि आस्था, रोज़गार और भाईचारा साथ-साथ चल सकते हैं. कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम कारीगरों द्वारा तैयार की जा रही शिवभक्तों की ड्रेस हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी संस्कृति की अनूठी मिसाल बनकर सामने आई है.