Saharanpur News: सहारनपुर मस्जिद विवाद पर सर्वदलीय संघर्ष समिति का बड़ा ऐलान, पूर्व विधायक बोले- शहर का भाईचारा नहीं टूटने देंगे

Newzo

• 06:09 PM • 19 Jul 2026

Saharanpur masjid controversy: सहारनपुर की कलेक्ट्रेट मस्जिद को लेकर विवाद गहराने के बीच सर्वदलीय संघर्ष समिति ने शहर में शांति और भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया है. पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक भी लड़ी जाएगी.

सहारनपुर मस्जिद विवाद पर सर्वदलीय संघर्ष समिति का बड़ा ऐलान, पूर्व विधायक बोले- शहर का भाईचारा नहीं टूटने देंगे

सहारनपुर मस्जिद विवाद पर सर्वदलीय संघर्ष समिति का बड़ा ऐलान, पूर्व विधायक बोले- शहर का भाईचारा नहीं टूटने देंगे

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Saharanpur News: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद के बीच सर्वदलीय संघर्ष समिति ने शहर में सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया है. समिति की बैठक के बाद पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि यह मामला पूरे शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है और किसी भी कीमत पर सहारनपुर के भाईचारे को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा.

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उन्होंने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा मस्जिद को सरकारी भूमि पर निर्मित बताते हुए उसे हटाने तथा करीब 6.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया है. इस फैसले के बाद शहर में विभिन्न पक्षों के बीच चर्चा और असंतोष का माहौल है.

पूर्व विधायक ने कहा कि मस्जिद पक्ष का दावा है कि यह इबादतगाह करीब 100 वर्ष पुरानी है और वर्ष 1911 से जुड़े दस्तावेज भी उनके पास मौजूद हैं. उनका यह भी कहना है कि संबंधित भूमि सरकारी नहीं, बल्कि स्थानीय दो मुस्लिम परिवारों की निजी जमीन रही है, जिसका रिकॉर्ड खसरा और खेवट में दर्ज है, उनके अनुसार कलेक्ट्रेट परिसर का विकास बाद में हुआ, जबकि मस्जिद पहले से मौजूद थी.

वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि मंदिर-मस्जिद से जुड़े विवादों को इस प्रकार उछाला जाएगा तो सहारनपुर का सौहार्दपूर्ण वातावरण प्रभावित हो सकता है. उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति सभी धार्मिक स्थलों का समान सम्मान करती है और किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होने देना चाहती.

उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. समिति में किरणजीत सिंह सिंधु, दलजीत कोचर, पूर्व विधायक सुरेंद्र कपूर, रमेश कुमार और स्वयं वीरेंद्र सिंह ठाकुर शामिल हैं. यह समिति उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सर्वदलीय संघर्ष समिति को सौंपेगी.

कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकुर ने कहा कि संबंधित पक्ष का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही आदेश पारित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि यदि आदेश में कोई कानूनी त्रुटि पाई जाती है तो संघर्ष समिति न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक भी जाएगी.

पूर्व विधायक ने कहा कि समिति का उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि सत्य सामने लाना और शहर में भाईचारा बनाए रखना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सहारनपुर को सांप्रदायिक तनाव की ओर नहीं जाने दिया जाएगा और मंदिर-मस्जिद के नाम पर शहर की सामाजिक एकता से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा.