Saharanpur News: डिग्री नहीं, चरित्र आपकी सबसे बड़ी पहचान": राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 22,315 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

Newzo

• 01:29 PM • 21 Jul 2026

Saharanpur Anandiben Patel Convocation: मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में 22,315 विद्यार्थियों को उपाधियां और 99 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से चरित्र, नैतिकता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया. उन्होंने नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया.

 डिग्री नहीं, चरित्र आपकी सबसे बड़ी पहचान": राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 22,315 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

डिग्री नहीं, चरित्र आपकी सबसे बड़ी पहचान": राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 22,315 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

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Saharanpur Anandiben Patel Convocation: मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि "डिग्री आपकी पहचान नहीं, आपका चरित्र आपकी सबसे बड़ी पहचान है." स्वास्थ्य कारणों से समारोह में शामिल न हो सकीं राज्यपाल ने विद्यार्थियों से ईमानदारी, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया.

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उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों को अपनी डिग्री और अन्य प्रमाणपत्र डीजी लॉकर से जोड़ने चाहिए, ताकि दुनिया के किसी भी कोने से आवश्यक दस्तावेज आसानी से प्राप्त किए जा सकें.  उन्होंने कुलपति और शिक्षकों से सभी विद्यार्थियों को डीजी लॉकर के उपयोग के लिए प्रेरित करने की अपील की.

नशा छोड़ें, राष्ट्र निर्माण में निभाएं भूमिका

राज्यपाल ने युवाओं से नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह प्रतिभा, स्वास्थ्य और परिवार की उम्मीदों को नष्ट कर देता है. उन्होंने विद्यार्थियों से योग, खेल, साहित्य, नवाचार और समाज सेवा जैसे सकारात्मक कार्यों में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया.

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए प्रत्येक विद्यार्थी से अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने को कहा. साथ ही विश्वविद्यालय को महिलाओं की सहभागिता से गोबर और मिट्टी के सीड बॉल तैयार कर पहाड़ी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने का अभियान चलाने का सुझाव दिया.

विकसित भारत-2047 में युवाओं की अहम भूमिका

राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना युवाओं के सहयोग से ही साकार होगा.

विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान न बनें, बल्कि शोध, नवाचार, कौशल विकास, स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), एवीजीसी और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं के केंद्र बनें.

22,315 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 99 मेधावियों को स्वर्ण पदक

दीक्षांत समारोह में कुल 22,315 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं. इनमें 19,069 स्नातक और 3,246 परास्नातक विद्यार्थी शामिल रहे. स्नातक स्तर पर 6,770 छात्र और 12,299 छात्राओं, जबकि परास्नातक स्तर पर 812 छात्र और 2,434 छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई.

समारोह में कुल 99 स्वर्ण पदक वितरित किए गए, जिनमें 87 कुलपति स्वर्ण पदक, 6 कुलाधिपति स्वर्ण पदक और 6 प्रायोजित स्वर्ण पदक शामिल रहे.

इन विद्यार्थियों को मिला कुलाधिपति स्वर्ण पदक

विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभिनेश कुमार (कृषि), श्रद्धा रौनी (कला), अमीषा गोयल (वाणिज्य), आंचल पुजारी (शिक्षा), खुशी (विधि) और रोहित गोयल (विज्ञान) को कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया.  इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 87 विद्यार्थियों को कुलपति स्वर्ण पदक तथा 6 विद्यार्थियों को प्रायोजित स्वर्ण पदक प्रदान किए गए.

समारोह में उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी. विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्धि का उत्साह और जश्न का माहौल रहा.