Saharanpur News: आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने की, जिसमें पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शांति समिति के पदाधिकारियों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
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प्रशासन ने क्या निर्देश दिए?
बैठक में मुहर्रम के जुलूस, ताजियों की ऊंचाई, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत लाइनों तथा जुलूस मार्गों से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में किसी भी प्रकार की नई परंपरा की शुरुआत नहीं होने दी जाएगी और सभी कार्यक्रम परंपरागत रूप से ही आयोजित किए जाएंगे.
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुहर्रम जुलूस के दौरान किसी अन्य देश के झंडे, प्रतीक अथवा तस्वीरों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा. यदि कोई व्यक्ति ऐसा करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रबंधक छोटा इमामबाड़ा दानिश आब्दी ने बताया कि प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का सभी लोग पालन करेंगे. उन्होंने कहा कि मुहर्रम के जुलूस में किसी देश का झंडा, राजनीतिक अथवा धार्मिक नेताओं के पोस्टर और हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा. साथ ही जुलूस मार्गों की मरम्मत, सफाई व्यवस्था और पुलिस प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा गया है.
ताजियों को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने बताया कि मुहर्रम को लेकर सभी थाना प्रभारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. जुलूस मार्गों पर झूलती विद्युत तारों, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को समय रहते दुरुस्त कराया जाएगा. ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने पर भी सहमति बनी है.
धारा 163 कब तक लागू रहेगी?
उन्होंने बताया कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर जनपद में 4 अगस्त तक धारा 163 लागू रहेगी, ताकि कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखी जा सके.
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