Saharanpur News: ज़िले में बेसमेंट में संचालित अस्पतालों पर मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं. लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम और अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद सहारनपुर में कई ऐसे अस्पताल अब भी संचालित हैं, जहां बेसमेंट का उपयोग मरीजों के इलाज के लिए किया जा रहा है.
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दरअसल, थाना जनकपुरी क्षेत्र स्थित अस्पताल पुल के पास संचालित किरण हेल्थकेयर सेंटर चर्चा में है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल का बेसमेंट जो कि मूल रूप से पार्किंग के लिए बनाया गया था जहां अब मरीजों का इलाज किया जा रहा है. आरोप है कि यहां करीब 7 से 15 बेड बेसमेंट में संचालित हैं और कार्डियोलॉजी के मरीज भर्ती किए जाते हैं. साथ ही अस्पताल के बाहर पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से सड़क पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
बेसमेंट में पार्किंग के बजाय अस्पताल संचालित
स्थानीय निवासी सरफराज का कहना है कि अस्पताल में आने वाले वाहन सड़क पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे रोजाना लंबा जाम लगता है. उनका आरोप है कि अस्पताल के बेसमेंट में पार्किंग के बजाय अस्पताल संचालित हो रहा है, जबकि यदि वहां पार्किंग की व्यवस्था कर दी जाए तो ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है. उन्होंने बताया कि कई बार इमरजेंसी वाहनों को भी जाम में फंसना पड़ता है.
बेसमेंट में केवल कार्डियो विभाग के सात बेड संचालित: प्रबंधक
वहीं, किरण हेल्थकेयर सेंटर के प्रबंधक दिनेश कुमार शर्मा ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि अस्पताल के पास फायर विभाग की एनओसी है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में 74 हजार लीटर क्षमता का पानी का टैंक, तीन आपातकालीन निकास द्वार, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन उपकरण और बाहरी इमरजेंसी सीढ़ी सहित सभी आवश्यक फायर सेफ्टी इंतजाम मौजूद हैं, उनके अनुसार अस्पताल 125 बेड का है और बेसमेंट में केवल कार्डियो विभाग के सात बेड संचालित हैं. प्रबंधक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पूरा सम्मान किया जाएगा.
बेसमेंट बंद करने के लिए कोई नोटिस प्राप्त नहीं
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से समय मांगा गया है और जल्द ही बेसमेंट में संचालित सेवाओं को बंद कर दिया जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक विकास प्राधिकरण की ओर से बेसमेंट बंद करने के संबंध में कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.
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