Saharanpur Bhuteshwar Mahadev Temple News: सावन माह के प्रथम सोमवार पर सहारनपुर के प्राचीन सिद्धपीठ भूतेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह से ही हजारों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए.
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भूतेश्वर महादेव मंदिर के साथ-साथ बागेश्वर महादेव सहित जिले के अन्य शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिला. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने सुबह तड़के कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिव मंदिरों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. सभी प्रमुख मंदिरों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है.
श्रद्धालु संगीता सिंघल ने बताया कि वह पिछले तीन-चार वर्षों से प्रत्येक सावन सोमवार को भूतेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने आती हैं. उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है और उनकी सभी मनोकामनाएं भगवान भोलेनाथ की कृपा से पूर्ण हुई हैं. भीड़ अधिक होने के बावजूद श्रद्धालुओं में दर्शन को लेकर उत्साह बना हुआ है.
श्रद्धालु नवीन सिंघल ने कहा कि भूतेश्वर महादेव मंदिर एक प्राचीन सिद्धपीठ है, जिसकी विशेष धार्मिक मान्यता है. वह कई वर्षों से यहां दर्शन करने आते हैं. उनका कहना है कि भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं और सावन माह में यहां का आध्यात्मिक वातावरण अद्भुत होता है.
श्रद्धालु वंश ने भी मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि दर्शन के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस और मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं.
वहीं, भूतेश्वर महादेव प्रबंधक समिति के सदस्य वरुण गुप्ता ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को सुबह से ही जलाभिषेक का सिलसिला लगातार जारी है। मंदिर समिति के सेवादार, स्वयंसेवक और पुलिस प्रशासन मिलकर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन करा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 5 से 6 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक करने आते हैं, जबकि सावन के प्रत्येक सोमवार को यह संख्या बढ़कर करीब 10 से 12 हजार तक पहुंच जाती है.
उन्होंने बताया कि भूतेश्वर महादेव मंदिर मराठा काल का अत्यंत प्राचीन मंदिर है. मंदिर परिसर के पीछे जूना अखाड़े के साधु-संतों की समाधियां भी स्थित हैं, जो इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को दर्शाती हैं. आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए ठहरने, भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यापक व्यवस्था की है, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक कर सकें.
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