सहारनपुर में 4 मजदूरों का निकला पाकिस्तानी कनेक्शन, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप से ऐसे हुआ पूरा खेल, यूपी-दिल्ली, हरियाणा समेत इन राज्यों में नेटवर्क की आशंका

राहुल कुमार

29 May 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 11:57 AM)

Saharanpur ATS Raid News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एटीएस और पुलिस की कार्रवाई के बाद ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है.

Saharanpur ATS Raid News

Saharanpur ATS Raid News (Photo: AI Generated)

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Saharanpur Raid News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एटीएस और पुलिस की कार्रवाई के बाद ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है. जांच एजेंसियों ने चार ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में रहने का आरोप है. हैरानी की बात यह है कि ये युवक सामान्य मजदूर, ड्राइवर और वेल्डिंग का काम करने वाले थे, लेकिन जांच में इनके सोशल मीडिया कनेक्शन संदिग्ध पाए गए हैं. गिरफ्तारी के बाद गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस पूरे मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं.

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इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप से बना नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों की पाकिस्तान में बैठे लोगों से बातचीत इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए शुरू हुई थी. धीरे-धीरे यह संपर्क नेटवर्क में बदलता चला गया. पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क सिर्फ सहारनपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड तक फैला हुआ हो सकता है. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन युवकों का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जा रहा था और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय थे.

मजदूरी और ड्राइविंग करने वाले युवक गिरफ्तार

इस मामले में सरसावा थाना क्षेत्र के ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब और शाहरूख को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि महकाब हरियाणा और पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था, जबकि शाहरूख उत्तराखंड और देहरादून इलाके में मजदूरी करता था. इसके अलावा हरिद्वार के ढनढेरा गांव निवासी मुशर्रफ और मुजफ्फरनगर के शाहपुर रामराज क्षेत्र के ट्रक ड्राइवर गगनदीप उर्फ गुरी को भी पकड़ा गया है. पुलिस का कहना है कि कई राज्यों में लगातार आने-जाने की वजह से इनके नेटवर्क को मदद मिलने की आशंका है. अब एजेंसियां इनके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट, फंडिंग और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं.

परिवार और ग्रामीण बोले- लड़के निर्दोष हैं

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के परिवार और गांव के लोगों ने उन्हें निर्दोष बताया है. महकाब के पिता तसवार का कहना है कि उनका बेटा वेल्डिंग का काम करता था और महीने-दो महीने में घर आता रहता था. वहीं शाहरूख के पिता इकराम ने बताया कि उन्हें केवल इतना पता था कि बेटा किसी व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ा हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं देखी. ग्रामीण जाकिर का कहना है कि दोनों युवक मजदूरी कर परिवार चलाते थे और गांव में उनका व्यवहार सामान्य था. गांव वालों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद पूरे इलाके में डर और मातम जैसा माहौल है.

 ATS की जांच जारी और बड़े खुलासों की आशंका

महकाब के चाचा फरमान ने दावा किया कि पहले पूछताछ के बाद एटीएस ने महकाब को छोड़ दिया था और बाद में दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया. परिवार का कहना है कि उन्होंने खुद जांच में सहयोग करते हुए उसे अधिकारियों तक पहुंचाया था. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कई स्तरों पर जांच कर रही हैं. अधिकारियों को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बहकाकर बड़े नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.