'इनका इलाज करना ही मेरा काम है...' रामपुर SP अनिल कुमार सिंह ने कैमरे के सामने किन मुस्लिमों को कह दिए अपशब्द?

आमिर खान

07 Aug 2026 (अपडेटेड: 07 Aug 2026, 02:05 PM)

रामपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह का गोकशी के आरोपियों पर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दारुल उलूम देवबंद के फतवों का जिक्र करते हुए आरोपियों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया.

UP Tak
Google CTA

उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुलिस अधीक्षक (SP) अनिल कुमार सिंह का एक बयान चर्चा में आ गया है। गोकशी के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बोलते हुए उन्होंने कैमरे के सामने ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

यह भी पढ़ें...

एसपी ने अपने बयान में दारुल उलूम देवबंद के फतवों का भी जिक्र किया और कहा कि इस्लाम के अनुसार ऐसे पशु का मांस खाना हराम माना गया है, जिसकी वजह से दूसरे धर्म के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों। इसी दौरान उन्होंने आरोपियों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। 

मुठभेड़ के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया बयान

रामपुर पुलिस ने प्रतिबंधित पशुओं की कथित तस्करी और गोकशी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में आरोपी शहादत के पैर में गोली लगी, जबकि एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ।

इसी मामले में मीडिया को जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में भी कुछ लोग गोकशी जैसी घटनाओं को अंजाम देकर जिले की शांति बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

गोकशी के आरोपियों का बनाया जा रहा डोजियर

एसपी ने बताया कि जिले में पिछले 5 से 10 वर्षों से गोकशी के मामलों में शामिल रहे लोगों का सत्यापन कराया जा रहा है। उनके फोटो, पुराने मुकदमों का रिकॉर्ड और अन्य जानकारी जुटाकर डोजियर तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है और जो दोबारा ऐसे मामलों में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस अभियान को लगातार जारी रखेगी।

दारुल उलूम देवबंद का किया जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने सहारनपुर में तैनाती के दौरान दारुल उलूम देवबंद के ऐसे फतवों का जिक्र सुना था, जिनमें कहा गया है कि इस्लाम के अनुसार ऐसा पशु, जिसे काटने से दूसरे धर्म के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हों, उसका मांस खाना हराम है।

इसके बाद उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह के काम में शामिल हैं, वे या तो सच्चे मुसलमान नहीं हैं या फिर "बहुत ही ह***" हैं। उन्होंने अंजाने में गाली देते हुए आगे कहा कि "इनका इलाज करना ही मेरा काम है।" एसपी का यही बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

फरार आरोपियों की भी तलाश जारी

एसपी ने बताया कि इस मामले में कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और पिछले कई वर्षों से इस तरह के अपराधों में शामिल लोगों की भी पहचान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है, उनकी अपराध से अर्जित संपत्ति की भी जांच होगी। जरूरत पड़ने पर गैंगस्टर एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कुर्की जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।