प्रतापगढ़ में पट्टी कोतवाली के शौचालय में पुलिस हिरासत में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

सुनील यादव

• 08:57 PM • 22 Sep 2026

प्रतापगढ़ की पट्टी कोतवाली के शौचालय में पुलिस कस्टडी में 22 वर्षीय अर्जुन की मौत. परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप. SP ने कोतवाल और विवेचक को सस्पेंड किया.

Pratapgarh Crime News

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के थाना पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत के दौरान 22 वर्षीय युवक अर्जुन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. नाबालिग लड़की की बरामदगी के सिलसिले में कोतवाली लाए गए अर्जुन का शव थाने परिसर के अंदर बने शौचालय में मिला. जहां एक तरफ पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया है. मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक (SP) ने पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह और विवेचक ओमकार सिंह को निलंबित कर दिया है. 

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नाबालिग की बरामदगी के सिलसिले में लाया गया था थाने

प्रतापगढ़ पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, थाना पट्टी में 17 अगस्त 2026 को दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 362/26 से जुड़ी पीड़िता को बरामद कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही थी. इसी मामले के सिलसिले में अर्जुन को कोतवाली लाया गया था. पुलिस का कहना है कि अर्जुन थाने के शौचालय में गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया. जब पुलिसकर्मियों ने जाकर देखा तो उसका शव फंदे से लटका मिला. पुलिस का यह भी कहना है कि इससे पहले जुलाई महीने में भी पीड़िता के परिजनों ने अर्जुन के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था. 

परिजनों के गंभीर सवाल- 'हिरासत में कंबल कहां से आया?'

घटना के बाद मृतक अर्जुन के पिता लल्लू राम ने पुलिस को तहरीर दी है. तहरीर में लड़की के पिता, भाई और अज्ञात पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया गया है. परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:

कंबल का सवाल: परिजनों का सवाल है कि पुलिस हिरासत में मौजूद युवक के पास शौचालय के अंदर फांसी लगाने के लिए कंबल कहां से आया?

अज्ञात पुलिसकर्मी क्यों: परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब घटना कोतवाली परिसर के अंदर हुई, तो ड्यूटी रोस्टर होने के बावजूद एफआईआर में पुलिसकर्मियों को 'अज्ञात' क्यों दर्शाया गया?

वकीलों ने तहसील में जड़ा ताला

युवक की मौत की खबर फैलते ही मामला तूल पकड़ गया. घटना के विरोध में तहसील के वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए तहसील परिसर में ताला जड़ दिया और सख्त कार्रवाई की मांग की. इधर, मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने मांग की है कि नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए. परिजनों ने मांगों की पूर्ति न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है. 

कोतवाल और विवेचक सस्पेंड, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने कार्रवाई करते हुए पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह और विवेचक ओमकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और कोतवाली परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.  मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है.