समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए (सेशन) कोर्ट ने दो अलग-अलग पैन कार्ड मामले में उनकी अपील खारिज कर दी है, जिससे उनकी सजा बरकरार रहेगी.
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मालूम हो कि अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट ने पिता-पुत्र को 7-7 साल की सजा सुनाई थी. इस फैसले के खिलाफ आजम खान और अब्दुल्ला ने सेशन कोर्ट में अपील दायर कर खुद को निर्दोष बताया था. हालांकि, विशेष न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार की अदालत ने दोनों की दलीलों को ठुकराते हुए सजा को बरकरार रखा है.
अब सजा बढ़ाने की लटकी तलवार?
आजम खान परिवार के लिए संकट यहीं खत्म नहीं होता. एक तरफ जहा उनकी अपनी अपील खारिज हो गई है, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार और नवाब काजिम अली खान (नावेद मियां) ने कोर्ट में अर्जी देकर उनकी सजा बढ़ाने की मांग की है.
क्या है सरकार का पक्ष?
सरकार ने सजा को नाकाफी बताते हुए इसमें वृद्धि की मांग की है. वहीं, कोर्ट ने दोषसिद्धि बरकरार रखी है. इसलिए अब सजा बढ़ाने वाली याचिकाओं पर जल्द ही अगली तारीख तय कर सुनवाई की जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद अब्दुल्ला आजम खान द्वारा दो अलग-अलग पैन कार्ड रखने और उनके अवैध इस्तेमाल से जुड़ा है. इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद से ही दोनों 17 नवंबर 2025 से रामपुर जिला जेल में बंद हैं.
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एमपी-एमएलए) सीमा सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश को सही माना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आजम खान और अब्दुल्ला की अलग-अलग अपीलों को निरस्त कर दिया गया है और अब केवल सजा में वृद्धि से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई शेष है.
यहां वीडियो में देखें सीमा सिंह राणा ने क्या बताया?
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